सेंधमार गैंग के सरगना ने मारा जांबाज सिपाही
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बाहरी दिल्ली के स्पेशल स्टाफ ने विजय विहार इलाके में रविवार देर रात सिपाही जगबीर सिंह की गोली मारकर हत्या करने व सिपाही नरेंद्र को जख्मी करने वाले दो आरोपियों को शाहबाद डेयरी इलाके से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहबाद डेयरी निवासी संतोष उर्फ रॉकी (23) और ऑटो ड्राइवर वेद रामपाल (32) के रूप में हुई है।
संतोष ने ही जगबीर की गोली मारकर हत्या की थी। वह सवा माह पहले जेल से बाहर आया है और सेंधमार गैंग बनाकर वारदात को अंजाम दे रहा था। इसके पास से पुलिस ने दो देसी कट्टे और शहीद सिपाही जगबीर से लूटा गया सर्विस पिस्टल भी बरामद कर लिया है।
परिक्षेत्र के संयुक्त आयुक्त आर एस कृष्णैया ने बताया कि वारदात के बाद विजय विहार थाना पुलिस ने सिपाही नरेंद्र के बयान पर हत्या, हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया। मामले की जांच में जिला के स्पेशल स्टाफ के अलावा कई टीमों को लगाया गया।
दो देसी कट्टे और सिपाही की सर्विस पिस्टल बरामद
सिपाही नरेंद्र से पूछताछ में पता चला कि वारदात को सेंधमारी करने वाले गैंग ने अंजाम दिया है। स्पेशल स्टाफ में तैनात एएसआई अनिल कुमार और हवलदार नरेश को जांच के दौरान पता चला कि शाहबाद डेयरी में रहने वाला संतोष नाम का बदमाश हाल में जेल से बाहर आया है और ऑटो में सवार होकर सेंधमारी की वारदात को अंजाम देता है।
इसके बाद पुलिस की टीम ने शाहबाद डेयरी थाना इलाके में दबिश देकर संतोष को दबोच लिया। पूछताछ में उसने पहले तो वारदात को अंजाम देने से मना कर दिया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने के बाद संतोष ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
उसने बताया कि वह अपने तीन अन्य सहयोगियों के साथ ऑटो में सवार होकर वारदात को अंजाम देता है और वारदात के दौरान हथियार भी रखता है। उसने बताया कि वारदात के लिए वह किराए पर ऑटो लेता है। पुलिस ने संतोष के साथ साथ ही ऑटो चालक वेद रामपाल को भी शाहबाद डेयरी से गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह बात सामने आई है कि संतोष के गिरोह का एक सहयोगी के खिलाफ करीब 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं उसके दो अन्य सहयोगी नाबालिग हैं। पुलिस तीनों आरोपियों को दबोचने का प्रयास कर रही है।
गोली लगने के बावजूद जगबीर लड़ता रहा
संयुक्त आयुक्त आरएस कृष्णैया ने बताया कि जगबीर काफी मजबूत इरादे वाला सिपाही था। गोली लगने के बावजूद वह एक आरोपी के साथ तब तक गुत्थम-गुत्थी करता रहा, जब तक वह निढाल होकर गिर नहीं गया। अधिकारियों के मुताबिक जगबीर से पकड़ छुड़ाने के लिए बदमाशों ने उसके सिर पर पिस्टल के बट से हमला किया। साथ ही कुछ दूरी तक उसे ऑटो से घसीटा।
आरोपियों ने पुलिस को शीशा कटिंग करने वाला बताया था
जांच में पता चला कि जगबीर ने जब ऑटो रुकवाकर आरोपियों से पूछताछ की थी तो उन लोगों ने खुद को शीशा कटिंग का काम करने वाला बताया था। उन लोगों ने जगबीर को शीशा काटने का एक औजार भी दिखाया था। लेकिन पकड़े जाने के बाद संतोष ने खुलासा किया है कि उस औजार के जरिए वह सेंधमारी की वारदात को अंजाम देते हैं।
गिरोह के साथ घूमने के पांच सौ रुपये
पूछताछ में ऑटो चालक वेद रामपाल ने बताया कि उसे गिरोह के साथ घूमने के एवज में पांच सौ रुपये मिलते थे। गिरोह के सदस्य उसे वारदात को अंजाम देने के वक्त उसे बुला लेते थे। वेद रामपाल के मुताबिक वारदात में इस्तेमाल ऑटो को वह किराए पर लेकर चलाता है। वहीं संतोष के खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट और शस्त्र अधिनियम के तहत आठ मामले दर्ज हैं। वह सवा माह पहले ही तिहाड़ जेल से बाहर आया था।