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पुलिस आयुक्त ने कहा, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की दिल्ली हिंसा की जांच
Mon, 15 Jun 2020 07:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 15 Jun 2020 07:17 AM IST
सार
- दिल्ली पुलिस पर भेदभाव करने के आरोप पर बोले दिल्ली पुलिस आयुक्त
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एसएन श्रीवास्तव
- फोटो : एएनआई
विस्तार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सीएए और एनआरसी के विरोध में हुई हिंसा मामले की पुलिस जांच पर उठ रहे सवालों पर दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हिंसा की जांच की है।
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पुलिस आयुक्त का कहना है कि आरोप लगाने वाले लोग दुर्भावना से प्रेरित हो सकते हैं। पुलिस का काम निष्पक्ष होकर कानून व्यवस्था कायम करना है। पुलिस पर आरोप लगाने वाले अदालतों पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं, क्योंकि पुलिस तो किसी को गिरफ्तार कर 24 घंटे ही अपने पास रख सकती है।
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बाद में पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश करना होता है। ऐसे में आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला अदालत ही करती है। हिंसा की जांच के दौरान पुलिस ने कई छात्रों समेत बलवा करने वाले लोगों को सुबूतों के आधार पर ही गिरफ्तार किया है।
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा में कई छात्रों की गिरफ्तारी के बाद कई छात्र संगठनों, फिल्मकारों और सिविल सोसाइटी के लोगों ने पुलिस की आलोचना की थी। इन लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाए थे कि पुलिस किसी के प्रभाव में जानबूझकर कुछ खास लोगों पर ही कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को देखकर पुलिस पर आरोप लगाना बेहद आसान काम है। लेकिन इन आरोपों को साबित करना बेहद मुश्किल है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि दंगों के मामलों में पुलिस ने जितनी भी गिरफ्तारियां की है, उसे अदालतों ने सही पाया है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि दिल्ली पुलिस एक विश्वसनीय पुलिस है।