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Delhi: बड़े हथियार सिंडिकेट पर कार्रवाई, दिल्ली पुलिस ने नौ आरोपियों को दबोचा, 23 अत्याधुनिक हथियार बरामद
Wed, 29 Apr 2026 02:44 PM IST
Vijay Singh Pundir
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:44 PM IST
सार
स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाह ने बताया कि यह नेटवर्क उत्तर भारत में सक्रिय था और हथियारों की आपूर्ति सीमा पार से की जाती थी। पिछले दो सप्ताह के दौरान दिल्ली और उत्तर प्रदेश में समन्वित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर गिरफ्तारियां और बरामदगी की।
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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने विदेश से ऑपरेट हो रहे एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का खुलासा कर नौ हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 23 अत्याधुनिक हथियार और 92 कारतूस बरामद किए हैं। गिरोह को फरार बदमाश और बांग्लादेश में बैठकर बुलंदशहर, यूपी निवासी शाहबाज अंसारी ऑपरेट कर रहा है। अंसारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक मामले में पैरोल से फरार है। गिरोह के संचालन में उसके चाचा रहमान अंसारी की भी कथित भूमिका बताई गई है।
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स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाह ने बताया कि यह नेटवर्क उत्तर भारत में सक्रिय था और हथियारों की आपूर्ति सीमा पार से की जाती थी। पिछले दो सप्ताह के दौरान दिल्ली और उत्तर प्रदेश में समन्वित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर गिरफ्तारियां और बरामदगी की। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान निर्मित इन हथियारों को गिरोह अपने हैंडलर के जरिये नेपाल सीमा के रास्ते भारत में लाकर दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के आपराधिक नेटवर्क को सप्लाई करता था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरोह की संरचना सुव्यवस्थित थी और इसके सदस्य पकड़े जाने से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल करते थे।
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कार्रवाई की शुरुआत 14 अप्रैल को उस्मानपुर से 22 वर्षीय फर्दीन की गिरफ्तारी के साथ हुई। उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए। फर्दीन से पूछताछ के आधार पर इंस्पेक्टर सुनील तेवतिया की टीम ने वसीक, वसीम मलिक, अमन उर्फ अभिषेक, आदिल, मोहम्मद अहमद, राहिल, इमरान और विशाल को गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान पुलिस ने 18 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल (जिनमें कुछ विदेशी निर्मित भी शामिल हैं), दो देशी बंदूकें, तीन ‘देसी कट्टे’, 92 कारतूस और छह मैगजीन बरामद कीं। इसके अलावा मोबाइल फोन, आपत्तिजनक डाटा से लैस एक लैपटॉप और हथियारों की मरम्मत के उपकरण भी जब्त किए गए।
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शाहबाज अंसारी सरगना
शाहबाज अंसारी गिरोह का मुख्य संचालक है जबकि घोषित अपराधी रेहान अंसारी लॉजिस्टिक्स, वित्त और संचार का समन्वय करता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य हथियारों की खरीद, खेप के परिवहन और आपराधिक गिरोहों तक उनकी आपूर्ति जैसे अलग-अलग कार्यों में संलिप्त थे। गिरफ्तार आरोपियों में से कई के खिलाफ हत्या, हथियार तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने, अन्य सहयोगियों की पहचान करने और फरार सरगनाओं को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है।
यू-ट्यूब चैनल बनाया
मौजपुर, दिल्ली में पैदा हुआ फरदीन पढ़ाई छोड़ने के बाद लोनी, यूपी में कपड़ों की एक स्थानीय यूनिट में और फिर शास्त्री पार्क में वसीम मलिक की नई इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में सेल्समैन का काम करने लगा था। वसीम मलिक ने पैसों को लालच देकर उसे अवैध हथियारों की सप्लाई के काम में शामिल होने के लिए उकसाया। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 18 मार्च, 2026 को वसीम को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी वसीक बीकॉम की पढ़ाई शुरू की थी लेकिन कोविड महामारी के दौरान बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद उसने वीडियो बनाने/शूट करने के शौक के चलते अपने दोस्त सोनू के साथ मिलकर एक यू-ट्यूब चैनल बनाया। उसने इलेक्ट्रॉनिक हब में काम करना शुरू किया, जिसे उसका चाचा वसीम मलिक चलाता था। वेतन नहीं मिलने पर उसने नौकरी छोड़ दी और चचेरे भाइयों तालिब और फरमान के साथ इंस्टाग्राम चैनल पर काम करना शुरू किया।
हत्या का मामला दर्ज है
आरोपी वसीम मलिक के खिलाफ वर्ष 2013 में कोतवाली खुर्जा में हत्या का एक मामला दर्ज किया गया था। वह अपने दोस्तों आबिद और खालिद के जरिये शाहबाज अंसारी के संपर्क में आया। कुछ समय बाद शाहबाज सिद्धू मूसे वाला मामले में जेल चला गया। वह आरोपी राहिल और अहमद से हथियारों की खेप लेता था और उन्हें दिल्ली/एनसीआर के अलग-अलग गिरोहों को सप्लाई करता था। इसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं। खुर्जा, निवासी अमन उर्फ अभिषेक जब बुलंदशहर जेल में बंद था, तब वसीम के संपर्क में आया। वर्ष 2022-2023 में, अमन ने वसीम से हथियार मांगे और कुल 7 पिस्तौलें हासिल कीं। लोनी देहात, यूपी निवासी आरोपी आदिल ने एक दुर्घटना के कारण पढ़ाई छोड़ दी। उसके खिलाफ बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था और 2 महीने के लिए जेल भेज दिया गया था। वर्ष 2024 में जेल से बाहर आने के बाद वह फरदीन से मिला। कुछ समय बाद उसे फरदीन से 1.10 लाख रुपये की कीमत की 2 देसी पिस्तौलें मिलीं।