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पर्दाफाश: कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों को लगाया चूना, विदेशी समेत चार ठग गिरफ्तार
Sun, 24 Apr 2022 07:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 24 Apr 2022 07:47 AM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी करने के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने विदेशी समेत चार ठगों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस की गिरफ्त में ठगी करने वाला गैंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कस्टम क्लीरियेंस के नाम पर देश भर में लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के विदेशी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी देश भर के करीब 100 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं।
इसके लिए आरोपी करीब 300 मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे थे। दस हजार घरों की जांच के बाद आरोपी गिरफ्त में आए हैं। इनके कब्जे से सात महंगे मोबाइल, दो एटीएम कार्ड व लैपटॉप आदि बरामद किए हैं।
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार पेशे से कुली विजय कुमार ने 21 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 जनवरी को एक मोबाइल नंबर से कॉल आई कि आपका पार्सल आया हुआ है। इंग्लैंड से आया पार्सल काफी महंगा है। पार्सल के क्लीरियेंस कराने के नाम पर उससे 1,60500 रुपये बैंक खाते में जमा करा लिए। जमा कराते ही आरोपी ने फोन बंद कर दिया।
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मामला दर्जकर एसीपी अभिनंद्रा व इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की देखरेख में एसआई अजय कुमार, सुभाष व महावीर सिंह की टीम ने जांच शुरू की। एसआई अजय कुमार की टीम ने दिल्ली, बुराड़ी व उत्तम नगर, गाजियाबाद, नोएडा में दबिश दी। करीब दस हजार घरों की जांच की बाद पुलिस ने शकूर बस्ती से विशाल सिंह (25) को गिरफ्तार कर लिया।
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इसके लिए आरोपी करीब 300 मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे थे। दस हजार घरों की जांच के बाद आरोपी गिरफ्त में आए हैं। इनके कब्जे से सात महंगे मोबाइल, दो एटीएम कार्ड व लैपटॉप आदि बरामद किए हैं।
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अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार पेशे से कुली विजय कुमार ने 21 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 जनवरी को एक मोबाइल नंबर से कॉल आई कि आपका पार्सल आया हुआ है। इंग्लैंड से आया पार्सल काफी महंगा है। पार्सल के क्लीरियेंस कराने के नाम पर उससे 1,60500 रुपये बैंक खाते में जमा करा लिए। जमा कराते ही आरोपी ने फोन बंद कर दिया।
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मामला दर्जकर एसीपी अभिनंद्रा व इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की देखरेख में एसआई अजय कुमार, सुभाष व महावीर सिंह की टीम ने जांच शुरू की। एसआई अजय कुमार की टीम ने दिल्ली, बुराड़ी व उत्तम नगर, गाजियाबाद, नोएडा में दबिश दी। करीब दस हजार घरों की जांच की बाद पुलिस ने शकूर बस्ती से विशाल सिंह (25) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद कमल लौहार उर्फ अनू(32) और उत्तम नगर निवासी सौरभ(31) को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपी विदेशी नागरिक को अपना खाता उपलब्ध कराते थे। इनसे पूछताछ के बाद बुराडी एरिया से विदेशी बेन अली दिराया उर्फ अबू को गिरफ्तार कर लिया।
अबू पश्चिमी अफ्रीकी देश कोटे डी आइवर का रहने वाला है। वह बुराड़ी में पिछले करीब तीन वर्ष से रह रहा था। वह व्यापार वीजा पर भारत आया था और दोस्तों के साथ कपड़ों की दुकान चलाता था। यहां इसकी मुलाकात सौरभ से हुई थी। इसके बाद दोनों दोस्त बन गए।
इसके बाद दो अन्य आरोपी विशाल व कमल से मुलाकात हुई थी। आरोपी अबू को अपना बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। बदले में उन्हें 32-32 रुपये मिलते थे। आरोपी अबू फर्जी आईडी से खोले गए जिन विदेशी खातों का इस्तेमाल कर रहा था उनमें अभी तक करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। पुलिस ठगी करने वाले अबू के साथियों का पता कर रही है।
विदेशी नागरिक को अपना खाता उपलब्ध कराते थे
विशाल सिंह के तीन बैंक खाते थे। उसने कमल लौहर को कम खाते दे दिए थे। कमल लौहार ने सौरभ को बैंक खाते दे दिए थे। आखिर में इन बैंक खातों को अबू चलाता था। वह इन बैंक खातों में ठगी की रकम जमा करवाता था। वह रकम के जमा होते ही निकाल लेता था।
अबू पश्चिमी अफ्रीकी देश कोटे डी आइवर का रहने वाला है। वह बुराड़ी में पिछले करीब तीन वर्ष से रह रहा था। वह व्यापार वीजा पर भारत आया था और दोस्तों के साथ कपड़ों की दुकान चलाता था। यहां इसकी मुलाकात सौरभ से हुई थी। इसके बाद दोनों दोस्त बन गए।
इसके बाद दो अन्य आरोपी विशाल व कमल से मुलाकात हुई थी। आरोपी अबू को अपना बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। बदले में उन्हें 32-32 रुपये मिलते थे। आरोपी अबू फर्जी आईडी से खोले गए जिन विदेशी खातों का इस्तेमाल कर रहा था उनमें अभी तक करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। पुलिस ठगी करने वाले अबू के साथियों का पता कर रही है।
विदेशी नागरिक को अपना खाता उपलब्ध कराते थे
विशाल सिंह के तीन बैंक खाते थे। उसने कमल लौहर को कम खाते दे दिए थे। कमल लौहार ने सौरभ को बैंक खाते दे दिए थे। आखिर में इन बैंक खातों को अबू चलाता था। वह इन बैंक खातों में ठगी की रकम जमा करवाता था। वह रकम के जमा होते ही निकाल लेता था।