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लूटपाट में अंतरराष्ट्रीय पहलवान गिरफ्तार, 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद हुई पहचान
Sat, 10 Aug 2019 11:01 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 10 Aug 2019 11:01 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में एक कारोबारी के नौकर को गोली मारकर लूटपाट करने के मामले में पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता पहलवान को उसके तीन सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशों में मामा-भांजा भी शामिल हैं।
पकड़े गए सभी बदमाश पहलवान हैं। पुलिस 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद बदमाशों तक पहुंची। पुलिस ने बदमाशों के पास से दो तमंचे, दो नकली नंबर प्लेट और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद की है।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान खेड़ाखुर्द निवासी दिनेश, सुल्तानपुरी निवासी लक्ष्य, सिरसपुर निवासी हरदीप और खेड़ाखुर्द निवासी रोबिन के रूप में हुई है। लक्ष्य वर्ष 2017 में थाईलैंड में आयोजित इंडो-थाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुका है। उसका सुल्तानपुरी में अखाड़ा है।
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यह भी पढ़ें: जीबी रोड: यहां कोठे के बंद कमरों में पनपता है प्यार, मानने को कोई नहीं तैयार
24 जुलाई की रात रोहिणी के सेक्टर-18 में जिंदल स्टोर चलाने वाले अजय कुमार जिंदल अपने नौकर पंकज के साथ दुकान बंद कर रहे थे। इसी दौरान कार में सवार होकर आए चार बदमाश अजय से बैग छीनने लगे। दहशत फैलाने के लिए एक बदमाश ने पंकज के पैर में गोली मार दी। इससे अजय डर गया और बदमाश बैग लूटकर भाग गए। बैग में 60 हजार रुपये थे।
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पकड़े गए सभी बदमाश पहलवान हैं। पुलिस 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद बदमाशों तक पहुंची। पुलिस ने बदमाशों के पास से दो तमंचे, दो नकली नंबर प्लेट और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद की है।
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बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान खेड़ाखुर्द निवासी दिनेश, सुल्तानपुरी निवासी लक्ष्य, सिरसपुर निवासी हरदीप और खेड़ाखुर्द निवासी रोबिन के रूप में हुई है। लक्ष्य वर्ष 2017 में थाईलैंड में आयोजित इंडो-थाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुका है। उसका सुल्तानपुरी में अखाड़ा है।
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24 जुलाई की रात रोहिणी के सेक्टर-18 में जिंदल स्टोर चलाने वाले अजय कुमार जिंदल अपने नौकर पंकज के साथ दुकान बंद कर रहे थे। इसी दौरान कार में सवार होकर आए चार बदमाश अजय से बैग छीनने लगे। दहशत फैलाने के लिए एक बदमाश ने पंकज के पैर में गोली मार दी। इससे अजय डर गया और बदमाश बैग लूटकर भाग गए। बैग में 60 हजार रुपये थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी जिले के स्पेशल स्टाफ को सौंपी गई। निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच के दौरान घटनास्थल और उसके आसपास के इलाके के 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिसमें दिखे बदमाशों की कार की पहचान करने में जुट गई।
पुलिस ने सिरसपुर में उस कार की पहचान कर ली और दबिश देकर चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि बदमाशों को रुपयों की जरूरत थी, इसलिए लूटपाट को अंजाम दिया। रोबिन इलाके में कोल्ड ड्रिंक सप्लाई करने वाले वाहन का ड्राइवर था।
यह भी पढ़ें: बीजेपी के पूर्व विधायक पर बहू से दुष्कर्म का आरोप, बंदूक के बल पर की हैवानियत
वह जिंदल स्टोर पर भी कोल्ड ड्रिंक सप्लाई करता था। घूमने के दौरान वह रेकी कर गैंग के बदमाशों के साथ वारदात करता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन बदमाशों ने इलाके में कई वारदात को अंजाम दिया है।
कैप और एक लाइट के जलने से हुई कार की पहचान
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि वारदात में इस्तेमाल कार के पहिये में काला कैप लगा है और उसकी सिर्फ एक बैक लाइट जलती है। इसी आधार पर पुलिस आसपास के इलाकों में कार की पहचान करने में जुट गई। आखिरकार पुलिस को सिरसपुर में कार दिख गई। पुलिस ने उस पर कई दिन तक नजर रखी और पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने सिरसपुर में उस कार की पहचान कर ली और दबिश देकर चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि बदमाशों को रुपयों की जरूरत थी, इसलिए लूटपाट को अंजाम दिया। रोबिन इलाके में कोल्ड ड्रिंक सप्लाई करने वाले वाहन का ड्राइवर था।
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वह जिंदल स्टोर पर भी कोल्ड ड्रिंक सप्लाई करता था। घूमने के दौरान वह रेकी कर गैंग के बदमाशों के साथ वारदात करता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन बदमाशों ने इलाके में कई वारदात को अंजाम दिया है।
कैप और एक लाइट के जलने से हुई कार की पहचान
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि वारदात में इस्तेमाल कार के पहिये में काला कैप लगा है और उसकी सिर्फ एक बैक लाइट जलती है। इसी आधार पर पुलिस आसपास के इलाकों में कार की पहचान करने में जुट गई। आखिरकार पुलिस को सिरसपुर में कार दिख गई। पुलिस ने उस पर कई दिन तक नजर रखी और पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
लूट की रकम अखाड़े में लगाना चाहता था
पूछताछ में पता चला कि अंतरराष्ट्रीय पहलवान लक्ष्य गैंग को नैतिक समर्थन देता था। वह दावा करता था कि उसका जीजा वकील है और जीजा की पुलिस में काफी जान-पहचान है। अगर कोई कानूनी समस्या आएगी तो जीजा उसे संभाल लेगा।
लक्ष्य पांच साल से पहलवानी कर रहा था। वह लूट की रकम को अपने अखाड़े में लगाना चाहता था। वारदात में रोबिन इलाके की जानकारी मुहैया करवाता था, जबकि हरदीप वारदात के लिए वाहन का इंतजाम करता था। दिनेश गैंग का सरगना था।
रुपयों की जरूरत के लिए कर रहे थे वारदात
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दिनेश बेडशीट बेचता था। वह पानीपत से बेडशीट खरीदकर उसे दिल्ली में बेचता था। कुछ स्थानीय विक्रेता उसके रुपये लेकर भाग गए थे। पिछले एक साल से वह बेरोजगार था। उसे पत्नी का प्रसव कराने के लिए रुपयों की जरूरत थी, जिसमें उसने अपने भांजे रोबिन का सहयोग लिया।
लक्ष्य को भी अपने अखाड़े के लिए रुपयों की जरूरत थी। वहीं हरदीप हरिद्वार में अपने भाई की सड़क हादसे में मौत के बाद उसकी फैक्ट्री चला रहा था, लेकिन घाटा होने के बाद उसकी फैक्ट्री बंद हो गई। उसके बाद वह वारदात को अंजाम देने लगा। उस पर दिल्ली के प्रशांत विहार में वाहन चोरी का एक मामला दर्ज है। रोबिन उसके भाई की फैक्ट्री में काम करता था।
लक्ष्य पांच साल से पहलवानी कर रहा था। वह लूट की रकम को अपने अखाड़े में लगाना चाहता था। वारदात में रोबिन इलाके की जानकारी मुहैया करवाता था, जबकि हरदीप वारदात के लिए वाहन का इंतजाम करता था। दिनेश गैंग का सरगना था।
रुपयों की जरूरत के लिए कर रहे थे वारदात
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दिनेश बेडशीट बेचता था। वह पानीपत से बेडशीट खरीदकर उसे दिल्ली में बेचता था। कुछ स्थानीय विक्रेता उसके रुपये लेकर भाग गए थे। पिछले एक साल से वह बेरोजगार था। उसे पत्नी का प्रसव कराने के लिए रुपयों की जरूरत थी, जिसमें उसने अपने भांजे रोबिन का सहयोग लिया।
लक्ष्य को भी अपने अखाड़े के लिए रुपयों की जरूरत थी। वहीं हरदीप हरिद्वार में अपने भाई की सड़क हादसे में मौत के बाद उसकी फैक्ट्री चला रहा था, लेकिन घाटा होने के बाद उसकी फैक्ट्री बंद हो गई। उसके बाद वह वारदात को अंजाम देने लगा। उस पर दिल्ली के प्रशांत विहार में वाहन चोरी का एक मामला दर्ज है। रोबिन उसके भाई की फैक्ट्री में काम करता था।