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एम्स में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर, ऐसे खुली पोल, पूछताछ में खोला ऐसा राज सब हुए हैरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:03 AM IST
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फाइल फोटो
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देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान एम्स में गर्भवती पत्नी का आसानी से इलाज कराने के लिए फर्जी डॉक्टर बने आरोपी पति को हौजखास पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपी लखनऊ के एक निजी संस्थान से ऑपरेशन थियेटर एंड मैनेजमेंट में डिप्लोमा कर रखा है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी फर्जी डॉक्टर की पहचान प्लॉट नंबर-19, साहिबाबाद जिला गाजियाबाद, यूपी निवासी आशीष त्रिपाठी (25) के रूप में हुई।
आशीष 18 अगस्त सुबह 11 बजे एम्स में डॉक्टर का कोट पहनकर घूम रहा था। संदेह होने पर सिक्योरिटी गार्ड ने उसे रोका तो उसने खुद को सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर बताया। सिक्योरिटी गार्ड ने उससे परिचय पत्र मांगा तो आरोपी सकपका गया।
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इसके बाद गार्ड ने उसे एम्स प्रशासन के हवाले कर दिया। करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद एम्स प्रशासन ने उसे हौजखास थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी फर्जी डॉक्टर की पहचान प्लॉट नंबर-19, साहिबाबाद जिला गाजियाबाद, यूपी निवासी आशीष त्रिपाठी (25) के रूप में हुई।
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आशीष 18 अगस्त सुबह 11 बजे एम्स में डॉक्टर का कोट पहनकर घूम रहा था। संदेह होने पर सिक्योरिटी गार्ड ने उसे रोका तो उसने खुद को सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर बताया। सिक्योरिटी गार्ड ने उससे परिचय पत्र मांगा तो आरोपी सकपका गया।
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इसके बाद गार्ड ने उसे एम्स प्रशासन के हवाले कर दिया। करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद एम्स प्रशासन ने उसे हौजखास थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है। वह एम्स में भीड़ के चलते जल्दी इलाज कराने के लिए फर्जी डॉक्टर बन गया था। वह एम्स में जब भी जाता था डॉक्टर का कोट पहनकर जाता था।
उसने नोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, लखनऊ से ऑपरेशन थियेटर एंड मैनेजमेंट में डिप्लोमा किया हुआ है। वह मरीजों को डायलिसिस की ट्रेनिंग देता था।
उसने नोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, लखनऊ से ऑपरेशन थियेटर एंड मैनेजमेंट में डिप्लोमा किया हुआ है। वह मरीजों को डायलिसिस की ट्रेनिंग देता था।