सुरक्षा में चूक: फर्जीवाड़ा कर IGI एयरपोर्ट पर 10 लोगों की नौकरी लगाई, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने उन्हें एयरपोर्ट पास के लिए उन्हें एयरपोर्ट एंट्री फॉर्म उपलब्ध करवाए थे, जिसके आधार पर उन्हें पास और पहचान पत्र देने का आश्वासन दिया। पास और पहचान पत्र नहीं मिलने पर पीड़ितों ने आईजीआई एयरपोर्ट थाने में शिकायत की।
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इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर सुरक्षा में भारी चूक का मामला सामने आया है। एक जालसाज ने एयरोड्रम एंट्री परमिट (एईपी) की मदद से कई लोगों को हवाई अड्डा पर नौकरी दे दी और इनसे एक लाख रुपये ठग लिए। ये लोग 16 अगस्त से आईजीआई हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 के बाहर लिफ्ट मशीनों और एस्केलेटर पर नाइट शिफ्ट में ड्यूटी भी कर रहे थे। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी हेमंत कुमार को नजफगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
गांव गढ़ी ब्राह्मण, सोनीपत, हरियाणा निवासी प्रवीण के साथ 10 अन्य शिकायतकर्ताओं 2 सितंबर को आईजीआई एयरपोर्ट थाने में धोखाधड़ी और ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उन्हें एयरपोर्ट पास के लिए उन्हें एयरपोर्ट एंट्री फॉर्म उपलब्ध करवाए थे, जिसके आधार पर उन्हें पास और पहचान पत्र देने का आश्वासन दिया। पास और पहचान पत्र नहीं मिलने पर पीड़ितों ने आईजीआई एयरपोर्ट थाने में शिकायत की।
आरोपी ने खुलासा किया कि वह एयरपोर्ट पर काम कर चुका है। इस दौरान उसने एयरोड्रम एंट्री परमिट की एक प्रति को अपने पास रख लिया था। नौकरी छूट जाने के बाद उसने ठगी करने की साजिश रची। एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त तनु शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोशन विहार नजफगढ़ निवासी हेमंत कुमार के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी के कब्जे से 12 एयरोड्रम एंट्री परमिट, जीएमआर का एक एक कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
नौकरी छूटने के बाद करने लगा ठगी
पुलिस की पूछताछ में हेमंत ने बताया कि वह साल 2016 से 2018 तक उसने सोनीपत स्थित अमरोन प्राइवेट कंपनी में काम किया। उसके बाद वह दिल्ली आ गया और 2 कंपनियों एसएएस और आईसीएस के लिए रखरखाव ऑपरेटर के रूप में काम किया। कंपनी हवाई अड्डे पर बने एयरोब्रिज का रखरखाव और मरम्मत का काम करती है। कंपनी में भर्ती होने के दौरान पहचान पत्र तैयार करने के लिए एयरोड्रम एंट्री परमिट (एईपी) दिया गया था। जिसकी एक प्रति उनसे अपने पास रख ली। जनवरी 2022 में नौकरी छूटने के बाद वह बेरोजगार था। इसी दौरान उसने लोगों से ठगी की साजिश रची।
खाते में सेंध लगाने वाले दो गिरफ्तार
नजफगढ़ इलाके में पुलिस ने एटीएम बदलकर बैंक खाते में सेंध लगाने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, पीओएस मशीन और 1.37 लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस जालसाजों की गिरफ्तारी से तीन मामले सुलझाने का दावा किया है। मुकेश पर पहले से चोरी और ठगी के चार मामले दर्ज हैं।