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Delhi Air Pollution: धुंध की चादर में लिपटा दिल्ली-एनसीआर, हवा बेहद खराब, गाजियाबाद सर्वाधिक प्रदूषित
Thu, 05 Nov 2020 10:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 05 Nov 2020 10:47 AM IST
सार
- सुबह से रात तक हर ओर धुआं-धुआं
- लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में हुई दिक्कत
- पराली के बजाय स्थानीय व मौसमी कारकों से बिगड़ी हवा
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दिल्ली वायु प्रदूषण: धुआं-धुआं दिल्ली...
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई इलाके बुधवार सुबह से रात तक स्मॉग की घनी चादर में लिपटे रहे। इससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। एनसीआर में गाजियाबाद 389 एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित रहा, जबकि ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 368 दर्ज किया गया।
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गुरुग्राम को छोड़कर राजधानी सहित एनसीआर से अधिकतर शहरों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। गाजियाबाद व दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 को पार कर गया। राजधानी में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 343, फरीदाबाद में 331 दर्ज किया गया, जबकि गुरुग्राम में 296 रहा। सफर के अनुसार सुबह हवाओं का रुख दक्षिण-पश्चिमी होने के कारण राजधानी में स्मॉग बढ़ा है। हवा की चाल धीमी होने की वजह से भी प्रदूषण को बढ़ने में सहायता मिली। अनुमान है कि आगामी दो से तीन दिनों तक हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी में ही बने रहने की संभावना है।
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Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति गंभीर, कई इलाकों का एक्यूआई 400 के पार
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 343 दर्ज किया गया जबकि एक दिन पहले 302 था। वहीं हॉटस्पॉट क्षेत्रों में हवा का स्तर खतरनाक श्रेणी में रहा। वेंटिलेशन इंडेक्स 9500 घनमीटर प्रति सेकंड और हवा की रफ्तार 15 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। राजधानी में सुबह से ही स्मॉग की चादर छाई हुई थी। लोग उठे तो सड़कों से लेकर कॉलोनियों में भी स्मॉग का असर दिखा। यही वजह थी कि अधिकतर लोगों को पूरा दिन आंखों में जलन व गले में खराश के साथ सांस लेने में तकलीफ हुई।
प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 5 फीसदी
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में पराली जलाने की 1,949 घटनाएं दर्ज की गई। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 की प्रदूषण में केवल पांच फ़ीसदी हिस्सेदारी रही। बावजूद इसके एनसीआर में स्मॉग का जबरदस्त असर दिखा। वहीं, पीएम 10 का स्तर 319 और पीएम 2.5 का स्तर 163 दर्ज किया गया।
हॉटस्पॉट क्षेत्रों में भी गंभीर स्थिति में रहा हवा का स्तर
राजधानी में हॉटस्पॉट क्षेत्रों में हवा का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। सबसे अधिक खराब हवा बवाना क्षेत्र में दर्ज की गई जहां वायु गुणवता सूचकांक 423 रहा। नरेला में 419, जहांगीरपुरी में 417 , वजीरपुर में 415, सोनिया विहार में 395, आनंद विहार में 380, मुंडका में 373, विवेक विहार में 365 और पटपड़गंज में 343 दर्ज किया गया है।
एनसीआर में प्रदूषित शहर
गाजियाबाद 389
ग्रेटर नोएडा 368
नोएडा 345
दिल्ली 343
फरीदाबाद 331
गुरुग्राम 296
देश के सबसे प्रदूषित शहर
अंबाला 452
मुरादाबाद 425
बागपत 420
मुजफ्फरनगर 412
गाजियाबाद 389
(वायु गुणवत्ता सुूूचकांक सीपीसीबी के मुताबिक शाम 4 बजे तक )