फिर बिगड़ी दिल्ली-एनसीआर की हवा, गाजियाबाद सबसे प्रदूषित रहा
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मौसमी परिस्थितियों के बदलने की वजह से कई दिन से चल रही राहत के बाद मंगलवार को राजधानी की हवा एक बार फिर बहुत खराब श्रेणी में चली गई। इसके अलावा दिल्ली- एनसीआर में शामिल फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा व नोएडा की हवा बहुत खराब और गाजियाबाद की हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड( सीपीसीबी) के अनुसार मंगलवार को राजधानी का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 84 अंकों के इजाफे के साथ 379 दर्ज किया गया। जिसे बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले यहां आंकड़ा 295 के साथ खराब श्रेणी में बना हुआ था। जबकि रविवार को 274 दर्ज किया गया था। साथ ही शाम 5 बजे तक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम 10 का स्तर 334 और पीएम 2.5 का स्तर 181 के साथ बहुत खराब श्रेणी में रहा।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार फिलहाल हवा की स्थिति उतर-पश्चिम दिशा के बजाय पूर्वी दिशा की ओर हो गई है। वहीं, पहले के मुकाबले पराली जलाने की घटनाओं में भी कमी पाई जा रही है। इस कड़ी में पिछले 24 घंटे में दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उतर प्रदेश में कुल 189 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई, जिसके प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम 2.5 में पांच फीसदी हिस्सेदारी रही। इससे एक दिन पहले पराली जलाने के कुल 149 मामले सामने आए थे, जिसकी प्रदूषण में केवल तीन फीसदी हिस्सेदारी थी।
सफर के अनुसार, फिलहाल दिशा के बदलाव के साथ हवा की चाल और वेंटिलेशन इंडेक्स भी कम हो गया है। इस वजह से प्रदूषण के तत्वों को बढ़ने में मदद मिली है। हालांकि, बुधवार दोपहर तक प्रदूषण का स्तर कुछ कम हो सकता है, लेकिन इससे लंबे समय तक लोगों को राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि, गुरुवार को एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच सकता है।
गंभीर श्रेणी में पहुंचे हॉटस्पॉट
हवा के बिगड़ने के बाद दिल्ली के विभिन्न हॉटस्पॉट भी रेड जोन में पहुंच गए। इसमें आनंद विहार, मुंडका, जहांगीरपुरी, वजीरपुर व विवेक विहार समेत अन्य इलाके गंभीर हवा के साथ रेड जोन में दर्ज किए गए। हालांकि, बाकी इलाके 400 से कम के आंकड़ों के साथ बहुत खराब श्रेणी में बने रहे।
गाजियाबाद रहा सबसे प्रदूषित
दिल्ली के अलावा पड़ोसी इलाकों में शामिल गाजियाबाद 428 के वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ गंभीर श्रेणी में रहा। जबकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 365 के साथ बहुत खराब श्रेणी में था। इसके अलावा फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा भी बहुत खराब श्रेणी में रहे। केवल गुरुग्राम ही 296 के आंकड़े के साथ खराब श्रेणी में रहा। हालांकि, एक दिन पहले यह आंकड़ा 285 था।
दिल्ली -एनसीआर के आंकड़े
गाजियाबाद: 428
नोएडा: 396
ग्रेटर नोएडा: 382
फरीदाबाद: 360
गुरुग्राम: 296