बारिश से धुला प्रदूषण: दिवाली से पहले ली दिल्ली-एनसीआर ने 'राहत' की सांस, नवंबर में पहली बार इतनी साफ रही हवा
Delhi Air Pollution: नवंबर माह में पहली बार राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 279 दर्ज किया गया, लेकिन यह खराब श्रेणी में है। अचानक से गिरे प्रदूषण के स्तर में एक दिन में 158 अंक की गिरावट देखी गई। लोगों ने लंबे समय बाद खराब हवा में सांस ली।
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राजधानी में गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश प्रदूषण से राहत लेकर आई। शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर होती बारिश व हवा की गति बढ़ने से दिल्ली का प्रदूषण धुल गया। नवंबर माह में पहली बार राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 279 दर्ज किया गया, लेकिन यह खराब श्रेणी में है। अचानक से गिरे प्रदूषण के स्तर में एक दिन में 158 अंक की गिरावट देखी गई। लोगों ने लंबे समय बाद खराब हवा में सांस ली। ऐसे में लोगों को जहरीली होती हवा से फौरी राहत मिली है। समग्र रूप से दिल्ली का एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। साथ ही, एनसीआर में फरीदाबाद की हवा सबसे प्रदूषित रही। विशेषज्ञों के मुताबिक मौसमी बदलाव ने प्रदूषण का स्तर जरूर कम किया गया है, लेकिन हवा में नमी होने से आने वाले दिनों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक शुक्रवार को हवाएं उत्तर-पूर्व से पूर्व दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति आठ किलोमीटर प्रतिघंटे से रही। सुबह व शाम को हुई बारिश व हवा की गति बढ़ने होने से प्रदूषण कम हो गया। शनिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति चार से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेगी। ऐसे में हवा बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। जबकि सुबह के समय धुंध के साथ कोहरा छाए रहने की आशंका है। रविवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चलेगी। हवा की चाल चार से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है। इसके साथ ही हवा गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। सफर इंडिया के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली में पीएम 2.5 की मात्रा लगभग 170 व पीएम 10 की मात्रा करीब 285 दर्ज की गई, जोकि खराब स्तर है।
दिवाली के दिन हवा होगी बेहद खराब
मौसमी बदलाव के चलते दिवाली वाले दिन हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। अगर इस दौरान पटाखे जलते हैं तो प्रदूषण की स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में लोगों को बारिश से मिली राहत रविवार के दिन परेशान कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक पटाखे व पराली का धुआं परेशानी का सबब बन सकता है।
एनसीआर में फरीदाबाद रहा सबसे प्रदूषित
सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में फरीदाबाद का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 308 रहा, जोकि बेहद खराब श्रेणी है। ग्रेटर नोएडा में 272, गाजियाबाद में 267, नोएडा में 247 व गुरुग्राम में 240 एक्यूआई दर्ज किया गया। यह खराब श्रेणी में है।