बिछड़े लाल मिले: ग्रेटर नोएडा से लापता एक छात्र लखनऊ में मिला, दूसरा गाजियाबाद में बेच रहा था बिरयानी
ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर और ईकोटेक-3 थाना पुलिस दोनों छात्रों के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी। एक बच्चा पढ़ाई के लिए डांटने पर घर से निकला तो दूसरा बिना बताए ही लापता हो गया था। एसीपी सेंट्रल जोन पीपी सिंह का कहना है कि सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। दोनों छात्रों को सकुशल बरामद कर परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है।
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ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर और ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र से लापता आठवीं और नौवीं कक्षा के छात्र पुलिस की मदद से सकुशल मिल गए हैं। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुआ एक छात्र परिजनों को बिना बताए गाजियाबाद पहुंच गया था और एक विक्रेता के साथ बिरयानी बेच रहा था। वहीं, ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र से लापता आठवीं कक्षा का छात्र नाराज होकर पैतृक गांव जाने के लिए निकला था, लेकिन रास्ता भटककर ट्रेन से लखनऊ पहुंच गया था। पुलिस दोनों मामलों में अपहरण का केस दर्ज कर जांच कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से नवादा, बिहार निवासी उमेश फेज-2 स्थित गारमेंट्स कंपनी में काम करते हैं। उनकी दो बेटियां और बेटा प्रिंस है। प्रिंस आठवीं कक्षा का छात्र है। शिक्षिका की शिकायत के बाद परिजनों ने प्रिंस को पढ़ाई के लिए डांटा था। 26 अप्रैल को प्रिंस घर से स्कूल जाने के लिए निकला था, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंचा। प्रिंस बिहार स्थित पैतृक गांव जाने के लिए आनंद विहार पहुंचा। इसके बाद वह ट्रेन में सवार होकर भटकता रहा। इस दौरान यात्रियों से खाना लेकर वह पेट भरता रहा।
सोमवार को लखनऊ की ट्रेन के एक यात्री ने छात्र से पूछताछ के बाद उसके परिजनों को कॉल की। इसके बाद परिजन लखनऊ रवाना हुए और मंगलवार को प्रिंस को लेकर लौट आए। वहीं, सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव गुलिस्तानपुर में रहने वाले धर्मवीर ने बताया कि उनका पौत्र निखिल नौवीं कक्षा का छात्र है। छात्र बुलंदशहर के औरंगाबाद से धर्मवीर के पास आया हुआ था। 28 अप्रैल को निखिल लापता हो गया। रविवार को परिजनों को निखिल ने विक्रेता के मोबाइल से वीडियो कॉल कर बताया कि वह गाजियाबाद में है। पुलिस और परिजन वहां पहुंचे तो पता चला कि वह एक बिरयानी विक्रेता के पास काम कर रहा था।