दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलने से जहरीली हुई हवा, लोधी रोड में 500 तो हापुड़ में 657 पहुंचा PM 2.5
- हवा में पीएम 2.5, 50 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है
- पीएम 2.5 के कण जब हवा में ज्यादा बढ़ते हैं तो वायु की गुणवत्ता खराब होने लगती है
- हवा में मौजूद बारीक धूल कणों को पीएम 2.5 और मोटे धूल कड़ों को पीएम 10 कहते हैं
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विस्तार
बीती रात दिल्ली में नगर निगम ने प्रदूषण रोकने के लिए फॉगिंग की। दिल्ली में दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां भी उड़ीं। समय की पाबंदी के बाद लोगों ने देर तक पटाखे जलाए जिसके चलते सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब हो गई।
जहां दिल्ली के लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 500 पर दर्ज किया गया वहीं मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम और इंडिया गेट पर पीएम 2.5 240 के स्तर पर और पीएम 10 182 के स्तर पर दर्ज किया गया जो अस्वस्थ(अनहेल्दी) माना जाता है। वहीं गाजियाबाद की हवा 'वेरी पुअर' यानी बहुत खराब स्तर पर पहुंच गई है।
Delhi: Major pollutants PM 2.5 at 240 and PM 10 at 182
— ANI (@ANI) October 28, 2019
in 'Unhealthy' category, in area around Major Dhyan Chand National Stadium and India Gate, according to the Air Quality Index (AQI) data. pic.twitter.com/H7c44ocN5u
Air Quality Index (AQI) at 657 in 'hazardous' category in Hapur. pic.twitter.com/fJKWaZ4nSW
— ANI UP (@ANINewsUP) October 28, 2019
Delhi: Major pollutant PM 2.5 at 500 in 'Severe' category, in Lodhi road area, according to the Air Quality Index (AQI) data. pic.twitter.com/PVPP3Aj0Vh
— ANI (@ANI) October 28, 2019
क्या है विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के गुणवत्ता मानकों के तहत, सूक्ष्म कण पदार्थ (पीएम 2.5) के लिए 10 माइक्रोग्राम/घन मीटर वार्षिक माध्य (मीन) और 25 माइक्रोग्राम/घन मीटर 24 घंटे का माध्य होना चाहिए जबकि मोटे कण पदार्थ (पीएम 10) के लिए 20 माइक्रोग्राम/घन मीटर वार्षिक माध्य और 50 माइक्रोग्राम/घन मी 24 घंटे का माध्य होना चाहिए।आपको बता दें कि रविवार को दिन में प्रदूषण का स्तर 313 पर पहुंच गया। जैसे ही दोपहर हुई तो एयर क्वालिटी इंडेक्स और भी खराब हो गया। दिल्ली में दोपहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 341 पर पहुंच गया। रात को करीब 11 बजे दिल्ली के लोधी रोड इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक 306 पहुंच गया।
Delhi: Air Quality Index (AQI) at 306 (very poor) in Lodhi Road area. pic.twitter.com/m7VSWTOvJQ
— ANI (@ANI) October 27, 2019
एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, मथुरा रोड इलाके में खराब श्रेणी में क्रमशः 257 और 249 पर रहा। आंकड़ों के मुताबिक, मथुरा रोड इलाके में पीएम-10 का स्तर 2.5 दर्ज किया गया।
Delhi: Major pollutants PM 2.5 & PM 10, at 257 & 249 respectively, both in 'Poor' category, in Mathura road area, according to the Air Quality Index (AQI) data. pic.twitter.com/JkvCzKMSA3
— ANI (@ANI) October 27, 2019
इसके अलावा नोएडा और गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंच गई। हरियाणा के गुरुग्राम के एनआईएसई ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 पर पहुंच गया। जबकि नोएडा के सेक्टर -62 क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 356 को पार कर गया।
Noida: Air Quality Index (AQI) at 356 (very poor) in Sector-62 area. pic.twitter.com/UQz4A9N3oj
— ANI UP (@ANINewsUP) October 27, 2019
Haryana: Air Quality Index (AQI) at 279 (poor) at NISE Gwal Pahari area in Gurugram. pic.twitter.com/Ck9MUmJBAc
— ANI (@ANI) October 27, 2019
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां भी उड़ती हुई दिखाई दीं। कोर्ट ने दिवाली पर पटाखा छोड़ने के लिए दो घंटे का समय दिया था, लेकिन लोगों ने दिए गए समय के अलावा भी पटाखे छोड़े।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) ने फॉगिंग की। निगम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के उपाय के रूप में लक्ष्मी नगर इलाके में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया।
#WATCH Delhi: East Delhi Municipal Corporation (EDMC) sprinkles water on roads, in Laxmi Nagar area, as a pollution control measure. pic.twitter.com/bufx89xK3S
— ANI (@ANI) October 27, 2019
आपको बता दें कि दिल्ली के सीरी फोर्ट और आनंद विहार की हवा शनिवार को बेहद खराब रही। दोनों इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 350 के पार पहुंच गया। हालांकि पूरी दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में शुक्रवार की तुलना में सिर्फ तीन अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को सूचकांक 287 दर्ज किया गया।