दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब श्रेणी में बरकरार, सफर के मुताबिक एक हफ्ता रहेगी यही स्थिति
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हवा की गुणवता में गिरावट आने के बावजूद दिल्ली की हवा सोमवार को खराब श्रेणी में बनी रही। दिल्ली का वायु गुणवता सूचकांक 295 रहा। हालांकि, 38 मॉनीटरिंग स्टेशन में से 14 पर गुणवता बेहद खराब स्तर में दर्ज की गई। इन इलाकों को सूचकांक 300 से ऊपर चला गया।
सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 घटे में 20 अंकों की गिरावट के साथ सोमवार को वायु गुणवता सूचकांक 274 से 295 पर पहुंच गया। वहीं, आनंद विहार, बवाना, द्वारका सेक्टर-8, जहांगरीपुरी, मुंडका, नरेला व रोहिणी को सूचकांक बेहद खराब स्तर में पहुंच गया है।
सफर का पूर्वानुमान है कि मौसमी दशाओं के प्रतिकूल होने से दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवता खराब होगी और हफ्ते भर सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में रहेगा।
पराली के धुंए से हो रहा प्रदूषण, इससे मौत के आंकड़े बढ़ रहे- सत्येंद्र जैन
राजधानी में कोरोना से मौत के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। इस माह अब तक 1759 लोगों की मौत हो चुकी है। दो दिन से हर एक घंटे में संक्रमण से पांच मरीज जान गंवा रहे हैं। तेजी से बढ़ते इन मामलों पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि पराली के धुएं से होने वाले प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत पर काफी असर पड़ रहा है। इस समय प्रदूषण और कोरोना ने लोगों के स्वास्थ्य पर दोहरा हमला किया। मौतों की संख्या बढ़ने का यह एक बड़ा कारण है। उम्मीद है कि आने वाले 2 से 3 सप्ताह में मामलों में कमी आने लगेगी।
पत्रकारों से बात करते हुए जैन ने कहा, दिल्ली के आसपास के राज्यों में पराली जलने के कारण यहां प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे काफी परेशानी हो रही है। सांस लेते समय कई संक्रमित मरीजों के फेफड़ों में यह धुंआ जा रहा है। इससे रोगियों में गंभीर लक्षण उभर रहे हैं। जिसके चलते मौतों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अन्य मानकों के हिसाब से दिल्ली में संक्रमण से हालात सुधर रहे हैं। अस्पतालों में अभी 7900 बेड खाली हैं। संक्रमण दर भी 15 से घटकर 12 फीसदी हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनना जरूरी है। सख्ती करने के बाद अब अधिकतर लोग मास्क लगा रहे हैं।