{"_id":"62834079d7eca609580e6aaf","slug":"delhi-mundka-fire-after-the-death-of-her-husband-the-person-who-became-the-messiah-also-went-missing-after-the-fire","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mundka Fire: गैरों के आंखों से निकल रहे हैं आंसू, पति की मौत के बाद मसीहा बना शख्स भी आग के बाद लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mundka Fire: गैरों के आंखों से निकल रहे हैं आंसू, पति की मौत के बाद मसीहा बना शख्स भी आग के बाद लापता
Tue, 17 May 2022 11:58 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 17 May 2022 11:58 AM IST
सार
राखी नाम की महिला ने कहा कि वह प्रवीण के एहसानों को वह भूल नहीं सकती। पांच साल पहले जब उसके पति किडनी की बीमारी से ग्रस्त थे, उसने उसकी जान बचाने की मुहिम में उसके परिवार की काफी मदद की और जब 2017 में पति की बीमारी से मौत हो गई तो एक अभिभावक की तरह उसे और उसके बेटे को संभाला।
विज्ञापन
अपने पड़ोसी की जली बाइक दिखाती राखी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पति की मौत के बाद जिस मसीहा ने महिला के परिवार को अभिभावक की तरह संभाला वह भी मुंडका की इमारत में लगी आग के बाद से लापता है। सोमवार को महिला उसकी तलाश करते हुए घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल पर उसकी जली हुई बाइक को देखकर वह खुद को रोक नहीं पाई और उसके आंखों से आंसू छलक गए।
राखी नाम की महिला ने कहा कि वह प्रवीण के एहसानों को वह भूल नहीं सकती। पांच साल पहले जब उसके पति किडनी की बीमारी से ग्रस्त थे, उसने उसकी जान बचाने की मुहिम में उसके परिवार की काफी मदद की और जब 2017 में पति की बीमारी से मौत हो गई तो एक अभिभावक की तरह उसे और उसके बेटे को संभाला। उसे एक कंपनी में नौकरी दिलाई। जिससे उसका परिवार चल रहा है।
महिला ने बताया कि वह मूलत: झारखंड के साहिबगंज की रहने वाली है। वह अपने बेटे सूरज के साथ नांगलोई में रहती है। प्रवीण उसका पड़ोसी था। उसके तीन छोटे छोटे बच्चे हैं। इस इमारत में स्थित कंपनी में प्रवीण डिजाइनिंग का काम करता था। घटना वाली शाम प्रवीण ने उसके बेटे को फोन कर कंपनी में आग लगने की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही उसका बेटा सूरज मौके पर पहुंचा और लोगों को बचाने में जुट गया।
विज्ञापन
उसने प्रवीण को काफी आवाज लगाई लेकिन वह कहीं दिखा। वह इमारत में जाने की कोशिश की लेकिन धुंआ होने की वजह से वह उपर नहीं जा पाया। राखी ने बताया कि चार दिन से प्रवीण का भाई, उसकी पत्नी और वह उसकी तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन कहीं से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सोमवार को वह मौके पर पहुंची तो उसकी बाइक को जली अवस्था में देखकर खुद को रोक नहीं पाई।
विज्ञापन
राखी नाम की महिला ने कहा कि वह प्रवीण के एहसानों को वह भूल नहीं सकती। पांच साल पहले जब उसके पति किडनी की बीमारी से ग्रस्त थे, उसने उसकी जान बचाने की मुहिम में उसके परिवार की काफी मदद की और जब 2017 में पति की बीमारी से मौत हो गई तो एक अभिभावक की तरह उसे और उसके बेटे को संभाला। उसे एक कंपनी में नौकरी दिलाई। जिससे उसका परिवार चल रहा है।
विज्ञापन
महिला ने बताया कि वह मूलत: झारखंड के साहिबगंज की रहने वाली है। वह अपने बेटे सूरज के साथ नांगलोई में रहती है। प्रवीण उसका पड़ोसी था। उसके तीन छोटे छोटे बच्चे हैं। इस इमारत में स्थित कंपनी में प्रवीण डिजाइनिंग का काम करता था। घटना वाली शाम प्रवीण ने उसके बेटे को फोन कर कंपनी में आग लगने की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही उसका बेटा सूरज मौके पर पहुंचा और लोगों को बचाने में जुट गया।
विज्ञापन
उसने प्रवीण को काफी आवाज लगाई लेकिन वह कहीं दिखा। वह इमारत में जाने की कोशिश की लेकिन धुंआ होने की वजह से वह उपर नहीं जा पाया। राखी ने बताया कि चार दिन से प्रवीण का भाई, उसकी पत्नी और वह उसकी तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन कहीं से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सोमवार को वह मौके पर पहुंची तो उसकी बाइक को जली अवस्था में देखकर खुद को रोक नहीं पाई।