मेट्रो ठप होने से खुली परिवहन व्यवस्था की पोल, गुरुग्राम के लिए नहीं कोई वैकल्पिक व्यवस्था
येलो लाइन पर मंगलवार को ओएचई वायर टूटने से गुरुग्राम में काम करने वाले सैकड़ों दिल्लीवासी ना तो अपने ऑफिस ही समय से पहुंच सके और घंटों मुसीबत झेलकर घर लौटने पर मजबूर हो गए। मेट्रो की इस तकनीकी खराबी ने दिल्ली वालों का यह भी एहसास करवा दिया कि दिल्ली सरकार द्वारा यात्रियों को गुरुग्राम पहुंचाने के लिए मेट्रो के अलावा और कोई इंतजाम नहीं है। लिहाजा लोगों ने दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में वैकल्पिक सुविधा देने की भी मांग की है।
मेट्रो यात्री प्रदीप पाठक ने बताया कि वह लोनी गाजियाबाद इलाके में रहते हैं और गुरुग्राम की एक एमएनसी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह जब वह अपने ऑफिस जा रहे थे तो इसी बीच उन्हें कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर प्लेटफार्म पर जाने से रोका गया। इस बीच करीब 20 मिनट तक इंतजार करने के बाद जब उन्हें प्लेटफार्म पर भेजा गया, तो इसके बाद8-10 मिनट तक ट्रेन के लिए इंतजार करना पड़ा। जब मट्रो आई तो भारी भीड़ के कारण उसमें घुसने की जगह ही नहीं मिली।
तीसरी मेट्रो आई तो किसी तरह उसमें सवार हो सका। कश्मीरी गेट से आईएनए तक पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। मेट्रो हर स्टेशन पर 5-8 मिनट तक रुक-रुक कर चली। करीब पौने दो घंटे में कुतुब मीनार पहुंचे तो उन्हें वहां उतार दिया गया। यहां गुरुग्राम तक जाने के लिए ना तो कोई बस मिली और ना ही कोई ऑटो रिक्शा। डीएमआरसी द्वारा चलाई गई मेट्रो फीडर बसों में भी यात्रियों की भीड़ के कारण मारामारी की स्थिति थी। करीब तीन घंटे तक परेशानी झेलने के बाद भी ऑफिस नहीं जा सके और घर लौटना पड़ा।
वहीं कुतुब मीनार स्टेशन पर फंसे मेट्रो यात्री राकेश शर्मा ने बताया कि इस घटना के बाद उन्हें दिल्ली सरकार के बेहतर परिवहन व्यवस्था के दावों के बारे में भी पता लग गया कि दिल्ली से गुरुग्राम जाने के लिए लोगों के पास मेट्रो के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को मेट्रो में तकनीकी खराबी की स्थिति में यात्रियों के लिए दिल्ली से गुरुग्राम पहुंचने की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करनी चाहिए। इसी तरह यात्री राकेश को भी अपने ऑफिस नहीं पहुंचने की स्थिति में छुट्टी लेनी पड़ी।
परिवहन मंत्री ने डीएमआरसी से मांगा जवाब
दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर कुतुब मीनार और सुल्तानपुर सेक्शन के बीच ओएचई वायर टूटने के कारण दो ट्रेनें इस सेक्शन पर फंस गईं। ट्रेन में फंसे एक यात्री के ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने डीएमआरसी से जवाब मांगा।
उन्होंने डीएमआरसी को ऐसी घटनाओं के संबंध में तत्काल सूचित करने के निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्री ने डीएमआरसी से जवाब मांगा है कि घटना के संबंध में यात्रियों को तत्काल सूचित क्यों नहीं किया, ताकि लोग पौने दो घंटे तक ट्रेनों में फंसे रहने के दौरान धैर्य रख पाते। उन्होंने यह भी कहा ऐसी घटना के संबंध में उन्हें तुरंत सूचित किया जाए।
उधर, परिवहन आयुक्त ने डीएमआरसी के एमडी से भी बात की। मंत्री ने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी तय की जाए कि किसकी लापरवाही के कारण ऐसा हुआ। उन्होंने 2011 से अब तक हुई ऐसी सभी घटनाओं की ब्यौरा देने के निर्देश भी दिए हैं।