दुनिया भर में बजा दिल्ली मेट्रो को डंका
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दिल्ली की लाइफलाइन और देश की शान मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो ने विश्व स्तर पर अपना डंका बजा दिया है। ऐसा हम नहीं कह रहे यह बात एक विश्वस्तर का सर्वे कह रहा है।
इसके अनुसार दिल्ली मेट्रो को 18 अंतरराष्ट्रीय मेट्रो सिस्टम में दूसरा स्थान मिला है। एक ऑनलाइन कस्टमर सर्वे में उपभोक्ता संतुष्टि के आधार पर दिल्ली मेट्रो ने यह स्थान प्राप्त किया है।
डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक यह सर्वे दुनिया की विख्यात ग्रुप नोवा और कोमेट ने किया था, जिसमें दिल्ली मेट्रो, लंदन डीएलआर और बैंगकॉक नेट प्रमोटर्स स्कोर (एनपीएस) कैटेगरी में टॉप तीन स्थानों पर काबिज हुए। इस श्रेणी में सर्वे, दूसरे साधनों के मुकाबले उपभोक्ता मेट्रो को कितनी तरजीह देते हैं और इससे कितने संतुष्ट हैं उसपर आधारित था।
41000 लोगों ने सर्वे में लिया हिस्सा
इस सर्वे में 41000 से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन सर्वे और सोशल मीडिया पर किए गए सर्वे के माध्यम से अपने फीडबैक दिए। यह सर्वे 28 अप्रैल से 25 मई तक के बीच में किया गया।
दिल्ली के अलावा जो मेट्रो इस सर्वे में शामिल थे वो थे हांगकांग का एमटीआर, लंदन अंडरग्राउंड, मेट्रो डी मैड्रिड, पेरिस का आरएटीपी, मेट्रो डी सैनडिएगो, सिंगापुर एसएमआरटी, बार्सिलोना टीएमबी, ब्रुसेल्स एसटीआईबी, बैंगकॉक का बीएमसीएल, लंदन डीएलआर, इस्तांबुल उलेसिम, कुआलालांपुर रैपिड पीएल, मेट्रोपॉलिटैनो डि लिस्बोआ।
इसके साथ ही मॉन्ट्रियल एसटीएम, न्यूकैसल नेक्सस, मेट्रो रियो और टोरंटो टीटीसी। एनपीएस की गणना संतुष्ट लोगों की संख्या में से असंतुष्टों की संख्या को घटाने के बाद होती है।
यूरोपियन मानकों पर खरी उतरी डीएमआरसी
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस सर्वे में जब लोगों से उनकी वरीयता की सूची पूछी गई कि उनके हिसाब से मेट्रो में क्या तीन मुख्य वरीयताएं होनी चाहिए? इस प्रश्न के उत्तर में दिल्ली समेत सभी 17 देशों के लोगों ने 'उपलब्धता' को तरजीह दी।
यानि उनके लिए मेट्रो का सही जगह पर उपलब्ध होना ज्यादा मायने रखता है। केवल न्यू कैसल और हांगकांग ने यहां विश्वसनीयता को ज्यादा तरजीह दी। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली मेट्रो उपभोक्ताओं ने विश्वसनीयता और भीड़ को टॉप थ्री वरीयता में शामिल किया।
यह सर्वे 'यूरोपियन मानक 13816' के आधार पर किया गया था। इस सर्वे में उपलब्धता, पहुंच, उपयोग में आसानी, यात्रा से पहले सूचना, यात्रा के दौरान सूचना, विश्वसनीयता, कस्टमर केयर, आराम, भीड़ और सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल थे।
कोमेट ग्रुप में भी शामिल हुआ दिल्ली मेट्रो
डीएमआरसी नोवा ग्रुप की सदस्य है जो 17 छोटे बड़े मेट्रो सिस्टम का एक समूह है। नोवा अपने सदस्य मेट्रो सिस्टम को एक मंच प्रदान करती है जिससे वह अपने अनुभव, आइडिया और बेहतर प्रयोगों को दुनिया भर में बांट सकें।
ये मेट्रो सिस्टमों को अपना मुल्यांकन करने का अवसर भी देती है। इस फोरम की देखरेख रेल ट्रांसपोर्ट स्ट्रैटेजिक सेंटर (आरटीएससी) ऑफ इंपीरियल कॉलेज, लंदन करता है।
इस साल डीएमआरसी ने नोवा फेज-17 मैनेजमेंट मीटिंग की अगुवाई दिल्ली में की। यह मीटिंग 22 से 26 सितंबर तक चली। इस मीटिंग में नोवा के 11 सदस्यों भाग लिया और भारत से डीएमआरसी समेत बैंगलुरू और चेन्नई मेट्रो भी शामिल हुए।
डीएमआरसी को अब कोमेट (CoMET) ग्रुप का सदस्य बना दिया जाएगा। कोमेट ग्रुप दुनिया के 16 सबसे बड़े मेट्रो सिस्टम का ग्रुप है। कोमेट में जगह बनाने के लिए औसतन 20 लाख की यात्री संख्या होनी चाहिए।