{"_id":"67510c0fc232fda61a0107e6","slug":"delhi-metro-phase-4-construction-of-2-65-km-long-tunnel-on-golden-line-completed-2024-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Metro Phase-4: गोल्डन लाइन पर 2.65 किमी लंबी सुरंग का निर्माण कार्य पूरा, तुगलकाबाद से एयरोसिटी तक चल रहा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Metro Phase-4: गोल्डन लाइन पर 2.65 किमी लंबी सुरंग का निर्माण कार्य पूरा, तुगलकाबाद से एयरोसिटी तक चल रहा काम
Thu, 05 Dec 2024 07:42 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Thu, 05 Dec 2024 07:42 AM IST
सार
दूसरी टनल का निर्माण जनवरी में पूरा होने की उम्मीद है। जिस टनल का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। वह तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर पर तुगलकाबाद एयरफोर्स लॉन्चिंग शाफ्ट और मां आनंदमयी मार्ग के बीच सबसे लंबी है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : freepik
विस्तार
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तहत निर्माणाधीन तुगलकाबाद से एयरोसिटी कॉरिडोर (गोल्डन लाइन) पर 2.26 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण कार्य बुधवार को पूरा हो गया। दूसरी टनल का निर्माण जनवरी में पूरा होने की उम्मीद है। जिस टनल का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। वह तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर पर तुगलकाबाद एयरफोर्स लॉन्चिंग शाफ्ट और मां आनंदमयी मार्ग के बीच सबसे लंबी है। इस मौके पर डीएमआरसी के परियोजना एवं योजना निदेशक राजीव धनखड़ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि इस टनल में 105 मीटर लंबी टीबीएम का उपयोग किया गया है। एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के हिस्से के रूप में इस खंड पर दो समानांतर गोलाकार टनल का निर्माण किया जा रहा है। जनवरी में दूसरी समानांतर टनल का निर्माण पूरा होगा। यह नई टनल लगभग 16 मीटर की औसत गहराई पर बनाई गई है। सुरंग में लगभग 1894 रिंग लगाए गए हैं, जिनका आंतरिक व्यास 5.8 मीटर है।
टनल निर्माण कार्य में कई तरह की तकनीकी चुनौतियां सामने आईं, जिसमें सीवर लाइन का स्थानांतरण, कठोर चट्टान के स्तर से नेविगेशन आदि शामिल हैं। सुरंग का निर्माण ईपीबीएम (अर्थ प्रेशर बैलेंसिंग मेथड) तकनीक का इस्तेमाल कर किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि इस टनल में 105 मीटर लंबी टीबीएम का उपयोग किया गया है। एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के हिस्से के रूप में इस खंड पर दो समानांतर गोलाकार टनल का निर्माण किया जा रहा है। जनवरी में दूसरी समानांतर टनल का निर्माण पूरा होगा। यह नई टनल लगभग 16 मीटर की औसत गहराई पर बनाई गई है। सुरंग में लगभग 1894 रिंग लगाए गए हैं, जिनका आंतरिक व्यास 5.8 मीटर है।
विज्ञापन
टनल निर्माण कार्य में कई तरह की तकनीकी चुनौतियां सामने आईं, जिसमें सीवर लाइन का स्थानांतरण, कठोर चट्टान के स्तर से नेविगेशन आदि शामिल हैं। सुरंग का निर्माण ईपीबीएम (अर्थ प्रेशर बैलेंसिंग मेथड) तकनीक का इस्तेमाल कर किया गया है।
विज्ञापन