शुरु होने से पहले ही ठंडे बस्ते में पहुंचा 10 मेट्रो स्टेशनों को 'कैशलेस' करने का अभियान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुरु होने से पहले ही केजरीवाल के निशाने पर रही दिल्ली मेट्रो के दस स्टेशनों को 'कैशलेस' बनाने की डीएमआरसी महत्वकांक्षा धरी की धरी रह गई। यही नहीं फिलहाल के लिए इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
गौरतलब है कि मेट्रो के 'कैशलेस' अभियान पर संदेह करते हुए केजरीवाल समेत अन्य नेताओं ने भी इसकी आलोचना की थी। 'कैशलेस' अभियान के शुरु न हो पाने पर डीएमआरसी के एक अधिकारी ने कहा कि, वर्तमान समय में पेटीएम जैसी ई-वॉलेट कंपनियों का ऐप उपयोग करने लायक नहीं है क्योंकि मेट्रो रोजाना बड़ी संख्या में रुपयों का लेने-देन करता है।
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने इस योजना पर इसलिए सवाल उठाए थे क्योंकि इस प्रक्रिया में सिर्फ पेटीएम को शामिल किया जा रहा था। उन्होंने इसकी जांच कराने और संबंधित फाइलें देखने की भी मांग की थी।
डेबिट कार्ड इस्तेमाल बना रहेगा
डीएमआरसी के अधिकारी ने इस योजना के ठंडे बस्ते में जाने के बाद कहा कि मेट्रो स्टेशन के काउंटरों पर भुगतान के दूसरे सभी डिजिटल विकल्पों की दोबारा समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही डेबिट का इस्तेमाल भी बना रहेगा।
डीएमआरसी ने पेटीएम को प्रक्रिया में शामिल होने की बात का स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि जल्द इसमें अन्य ई-वॉलेट कंपनियों को भी जोड़ा जाएगा और पेटीएम को यह ठेका टेंडर की एक खुली प्रक्रिया के जरिए दिया गया था। वहीं सूत्रों का कहना है कि एक जनवरी को शुरु किया जाने वाला अभियान केवल व्यावहारिक कारणों से रोका गया है।