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Delhi : विरोध में सड़कों पर उतरे दिल्ली के डॉक्टर... निर्माण भवन घेरा, आज जंतर-मंतर तक रैली और एम्स में बैठक

Sat, 17 Aug 2024 05:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 17 Aug 2024 05:29 AM IST
सार

शुक्रवार को एम्स, सफदरजंग, लेडी हार्डिंग, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज सहित दूसरे मेडिकल कॉलेजों के हजारों छात्रों ने निर्माण भवन का घेराव किया। 

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Delhi: Medical facilities stalled due to strike in hospitals , doctors took to the streets; construction build
दिल्ली में डॉक्टर हड़ताल पर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में हुई डॉक्टर की हत्या के विरोध में दिल्ली में डॉक्टर सड़क पर उतर गए हैं। शुक्रवार को एम्स, सफदरजंग, लेडी हार्डिंग, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज सहित दूसरे मेडिकल कॉलेजों के हजारों छात्रों ने निर्माण भवन का घेराव किया। 
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देर शाम तक डॉक्टर निर्माण भवन पर बैठकर प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश भी की, लेकिन डॉक्टर अपनी जगह से नहीं हटे। वहीं, देर शाम डॉक्टरों ने सफदरजंग अस्पताल से इंडिया गेट तक कैंडल मार्च निकाला। इसके अलावा अलग-अलग कॉलेज व अस्पतालों में डॉक्टरों ने अपने स्तर पर प्रदर्शन किया।
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दिल्ली के अस्पतालों में सोमवार से जारी हड़ताल के कारण चिकित्सा सुविधाएं चरमरा गई हैं। मरीज इलाज के लिए परेशान घूम रहे हैं। वहीं सोमवार से शुक्रवार देर शाम तक एम्स सहित दूसरे अस्पतालों में हजारों सर्जरी प्रभावित हो चुकी हैं। एम्स की ओपीडी में आए मुकुंद ने बताया कि पिता के प्रोस्टेट कैंसर का इलाज होना है। निजी अस्पताल के एक डॉक्टर ने सर्जरी की सलाह दी थी, लेकिन एम्स में सोमवार से चल रही हड़ताल के कारण तारीख नहीं मिल पा रही है।

दया बस्ती, नेहरू नगर से डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पति सुरेंद्र का इलाज करवाने आई सुनीता ने बताया कि किडनी रोग विभाग की ओपीडी में आए थे, लेकिन डॉक्टर न होने के कारण बाद में आने को बोला है। पति को दर्द ज्यादा होने पर आपातकालीन में ले गई थी, यहां पर एक गोली देकर ओपीडी में जाने को बोला है।

डॉक्टर बोले-मजबूत व ठोस कानून बनाना चाहिए
निर्माण भवन पर प्रदर्शन करने पहुंचे डॉक्टरों ने कहा कि कोलकाता में जिस तरह से महिला डॉक्टर की हत्या हुई, वैसी घटनाएं कहीं भी हो सकती है। अक्सर डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं होती हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व ठोस कानून बनाना चाहिए। साथ ही कोलकाता की डॉक्टर को न्याय मिलना चाहिए। जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता, प्रदर्शन इसी तरह से जारी रहेगा। 

आज नहीं मिलेगी आपातकालीन सुविधा, निजी केंद्र भी रहेंगे बंद
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की देशव्यापी हड़ताल के तहत दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार को आपातकालीन सेवाएं भी बंद करने का फैसला किया है। 24 घंटे चलने वाली इस हड़ताल में निजी अस्पताल भी शामिल रहेंगे। फैसला लिया गया कि सुबह 6 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक सभी क्लिनिक, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर पूरी तरह बंद रहेंगे। आपातकालीन सेवाओं को भी बंद रखा जाएगा। 

आज जंतर-मंतर तक रैली 
न्याय की मांग को लेकर शनिवार को डॉक्टर लेडी हार्डिंग से जंतर-मंतर तक रैली निकालेंगे। साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी करेंगे। 

बैनर लेकर अस्पताल परिसर में मार्च निकाला
ठोस कानून व पीड़िता के लिए न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार को लोकनायक, गुरु गोबिंद सिंह सरकारी अस्पताल, जीटीबी, डीडीयू, दीप चंद बंधु सहित दूसरे अस्पतालों में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बैनर लेकर अस्पताल परिसर में मार्च भी निकाला।

पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, जारी की निषेधाज्ञा
नई दिल्ली। डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मध्य दिल्ली में निषेधाज्ञा आदेश जारी कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को कई संगठनों ने कोलकाता में हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है।पुलिस के अनुसार, संसद और मध्य दिल्ली के अन्य हिस्सों के पास  भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लगा दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के कारण शहर अलर्ट पर है। विरोध प्रदर्शन की घोषणा के चलते मध्य दिल्ली के कुछ चौराहों पर यातायात को डायवर्ट कर दिया गया था। संवाद


फैकल्टी के साथ नर्सिंग स्टाफ ने भी किया प्रदर्शन
डॉक्टरों की मांग का समर्थन करते हुए फैकल्टी ने भी सुरक्षा के लिए जल्द ठोस कानून बनाने की मांग की है। सफदरजंग अस्पताल की फैकल्टी ने मांग रखी है कि जल्द से जल्द ठोस कानून बनना चाहिए। यदि डॉक्टर ही हिंसा का शिकार होते रहेंगे तो वह मरीजों का इलाज कैसे करेंगे। अक्सर डॉक्टरों से मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसी स्थिति में काम करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं डॉक्टरों के समर्थन में शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ ने भी प्रदर्शन किया। उधर, एम्स की फैक्ल्टी ने शुक्रवार को आपात बैठक कर सभी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं देने का फैसला लिया। उन्होंने एम्स के निदेशक को इस बारे में पत्र लिखकर कहा है कि शनिवार को ओटी, ओपीडी समेत दूसरी सुविधाएं नहीं देंगे। 

एम्स में आज बैठक
महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए शनिवार को एम्स के सर्जरी विभाग में समिति की बैठक होगी। बैठक में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर चर्चा होगी। साथ ही लूज प्वाइंट पर चर्चा होगी। साथ ही उसे दूर करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। 
 
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