अपनी जान जोखिम में डालने वाले डॉक्टरों का अपमान कर रहे केजरीवाल: दिल्ली मेडिकल असोसिएशन
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दिल्ली के डॉक्टरों को धमकी भरे लहजे में चेतावनी देने को लेकर दिल्ली मेडिकल असोसिएशन ने रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कड़ी निंदा की है। असोसिएशन ने कहा कि कोरोना मरीजों को भर्ती करने और उनकी जांच किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जिस तरह से डॉक्टरों को चेतावनी दी है और अस्पतालों को धमकी दे रहे हैं, उसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।
Delhi Medical Association strongly condemns the way Delhi CM is warning the doctors & threatening hospitals about #COVID19 patients' admissions&tests. FIR on Sir Ganga Ram Hospital is highly condemnable and demoralizing for the whole medical fraternity: Delhi Medical Association pic.twitter.com/SsirANUdVC
— ANI (@ANI) June 7, 2020विज्ञापन
कोरोना महामारी के इस संकट काल में पिछले दो महीने से अपनी जान को जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों के लिए मुख्यमंत्री केजरीवाल के शब्द बेहद अपमानजनक हैं।
ऐसा लग रहा है कि उन्हें सजी दी जा रही है। असोसिएशन ने कहा कि उनके इन अथक प्रयासों की सराहना करने के बजाय दिल्ली सरकार हर रोज नए फरमान जारी कर रही है। इसके साथ ही असोसिएशन ने यह भी कहा कि सर गंगा राम अस्पताल पर एफआईआर दर्ज करना पूरी तरह से निंदनीय और संपूर्ण चिकित्सा बिरादरी के लिए मनोबल तोड़ने वाला कदम है।
मालूम हो कि कोरोना महामारी में बेड की काला बाजारी करने को लेकर शनिवार को अरविंद केजरीवाल ने अस्पतालों को जमकर फटकार लगाई थी। केजरीवाल ने कहा था कि अस्पतालों को मनमानी नहीं करने दिया जाएगा। अस्पताल कोरोना मरीजों का इलाज करने से मना नहीं कर सकते।Doctors who're serving Delhi people tirelessly from last 2 months in this pandemic crisis, risking their lives feel insulted by way they're being treated.They're being
— ANI (@ANI) June 7, 2020
penalized&Govt instead of praising their efforts is issuing new Dictates(FARMAN) daily:Delhi Medical Association
दिल्ली सरकार की तरफ से आदेश जारी हुआ कि दिल्ली में अब किसी भी संदिग्ध मरीज का इलाज करने से अस्पताल द्वारा मना नहीं किया जा सकेगा। कोई लक्षण न होने पर अस्पताल यह मानकर मरीज को भर्ती करेगा कि उसे कोरोना है, और पहले उसका टेस्ट कराएगा। जांच के बाद उसमें कोरोना की पुष्टि होती है, तो उसे कोरोना वॉर्ड और नहीं पुष्टि होने पर उसे नॉन-कोरोना वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।