फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi mayor election Supreme Court directs to issue notice for election of mayor

Delhi Mayor Election: BJP को झटका, SC का आदेश 24 घंटे में जारी हो अधिसूचना; पहली बैठक में हो मेयर चुनाव

Fri, 17 Feb 2023 05:42 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 17 Feb 2023 05:42 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मनोनीत सदस्यों को वोट देने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा मेयर का चयन होने के बाद उनकी अध्यक्षता में उप-मेयर और स्थाई समिति के सदस्यों को चुनाव होगा। मेरय

विज्ञापन
delhi mayor election Supreme Court directs to issue notice for election of mayor
दिल्ली नगर निगम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर के चुनाव में मनोनीत सदस्य मतदान नहीं कर सकते हैं। शीर्ष अदालत ने उपराज्यपाल को 24 घंटे के भीतर नोटिस जारी कर एमसीडी की पहली बैठक की तारीख तय करने का निर्देश दिया। पहली बैठक में ही मेयर का चुनाव होगा और उसके बाद वह ही उप-मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव करवाएंगे।

विज्ञापन


भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन की यह दलील खारिज कर दी कि मनोनीत सदस्य मेयर चुनाव में मतदान कर सकते हैं। मेहता उपराज्यपाल और जैन एमसीडी की तरफ से पीठ के समक्ष पक्ष रख रहे थे। संविधान के अनुच्छेद 243आर का जिक्र करते हुए पीठ ने अपने आदेश में कहा कि संविधान ने एक प्रतिबंध लगाया है जिसके तहत मनोनीत सदस्यों को वोट देने का अधिकार नहीं है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय राजधानी है, मेयर चुनाव रुकना ठीक नहीं
सुनवाई के दौरान पीठ ने मौखिक रूप से कहा, दिल्ली नगर निगम एक महत्वपूर्ण वैश्विक निकाय है और यह वांछनीय है कि मेयर पद का चुनाव जल्द से जल्द हो। राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते यह अच्छा नहीं लगता कि मेयर का चुनाव रुका हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. शैली ओबेरॉय ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका
बता दें कि आप नेता डॉ. शैली ओबेरॉय ने उपराज्यपाल द्वारा मेयर चुनाव में मनोनीत सदस्यों को मतदान करने की अनुमति देने के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी। आज सुप्रीम कोर्ट में आप की दोनों प्रमुख मांगें मान ली गईं। 

सुप्रीम कोर्ट ने आठ फरवरी को मांगा था जवाब
शीर्ष अदालत ने ओबेरॉय की याचिका पर आठ फरवरी को उपराज्यपाल कार्यालय, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की अस्थायी पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा और अन्य से जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता के वकील की ओर से कहा गया कि मेयर, उप-मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव एक साथ नहीं कराए जा सकते। शैली ने पूर्व में भी चुनाव में तेजी लाने के निर्देश के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया था। छह फरवरी को चुनाव तय होने के बाद उन्होंने याचिका वापस ले ली थी। लेकिन, चुनाव टलने पर उन्होंने फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

दो माह बाद भी दिल्ली को नहीं मिल सका मेयर
मेयर के चुनाव पर अबकी बार कोर्ट का वार भारी पड़ा। चौथी बार मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव टल गया। पिछले साल सात दिसंबर को एमसीडी चुनाव के नतीजे आए थे, लेकिन दो महीने बाद भी अब तक दिल्ली को मेयर नहीं मिल सका है। एमसीडी के चुनाव चार दिसंबर को हुए थे। वोटों की गिनती सात दिसंबर को हुई थी। 250 वार्डों में से आम आदमी पार्टी को 134 में जीत मिली। भाजपा ने 104 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को केवल नौ सीटें मिलीं। चुनाव परिणाम आने के महीने भर बाद छह जनवरी को मेयर चुनाव के लिए सदन की बैठक बुलाई गई। इस दिन मनोनीत पार्षदों को पहले शपथ दिलाने के पीठासीन अधिकारी के फैसले का आम आदमी पार्टी ने विरोध किया, सदन में हंगामा हुआ और पीठासीन अधिकारी ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

24 जनवरी को दोबारा बुलाई गई बैठक
एलजी के आदेश पर दोबारा 24 जनवरी को मेयर चुनाव के लिए सदन की बैठक बुलाई गई। इस दिन मनोनीत सदस्यों और पार्षदों की शपथ हो गई, लेकिन आप के एक पार्षद ने जैसे ही मंच पर चढ़कर निगम सचिव से बात करनी चाही, इसका भाजपा के पार्षदों ने जबरदस्त तरीके से विरोध किया। फिर से सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। आम आदमी पार्टी ने सदन में मीडिया के सामने हेड काउंट कर हाजिरी लगाई और बहुमत सिद्ध किया और सदन में ही धरना भी दिया। दूसरी तरफ भाजपा की मेयर पद की प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने भी उनके साथ बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया और वह भी सदन के बाहर धरने पर बैठी रहीं।

छह फरवरी को फिर बुलाई गई बैठक
छह फरवरी को तीसरी बार मेयर चुनाव कराने के लिए सदन की बैठक बुलाई गई। पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा ने मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव एक साथ कराने की घोषणा की। साथ ही मनोनीत पार्षदों के मेयर चुनाव में हिस्सा लेने की घोषणा की। इसका आप विधायक महेंद्र गोयल ने विरोध किया। दूसरी तरफ भाजपा पार्षद शिखा राय ने पीठासीन अधिकारी से कहा कि आप के दो विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी और संजीव झा को कोर्ट से सजा मिल चुकी है, यह दोनों सदस्य मेयर चुनाव में वोट देने के योग्य नहीं हैं। पीठासीन अधिकारी ने उनका समर्थन किया और आप के दोनों विधायकों काे सदन से बाहर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद हंगामा बढ़ गया और पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। 

चौथी बार भी नहीं बनी बात
मेयर चुनाव के लिए 16 फरवरी को चौथी बार सदन की बैठक बुलाई गई थी। इस दिन अब चुनाव नहीं हो पाएगा। इसके लिए अब नई तारीख का इंतजार करना पड़ेगा। आम आदमी पार्टी ने ईस्ट पटेल नगर की पार्षद डॉ. शैली ओबरॉय को और भाजपा ने शालीमार बाग-बी वॉर्ड की पार्षद रेखा गुप्ता को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed