{"_id":"61e0157707014a4edb217002","slug":"delhi-lose-money-in-online-cricket-betting-then-created-lie-story","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा में रकम हार गया तो रच झूठ की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा में रकम हार गया तो रच झूठ की कहानी
Thu, 13 Jan 2022 05:35 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Thu, 13 Jan 2022 05:35 PM IST
सार
कापसहेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस की जांच के दौरान आरोप के झूठ से पर्दा उठा।
विज्ञापन
सट्टा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कापसहेड़ा थाना इलाके में एक व्यवसायी युवक ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में मोटी रकम हार गया तो उसने लूट व खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच दी। उसने पुलिस को सूचना दी कि दो युवकों ने उसका अपहरण कर उससे तीन लाख 14 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों व मोबाइल डिटेल ने आरोपी की झूठ से 18 घंटे में पर्दा उठा दिया।
विज्ञापन
कापसहेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी ने अपने भाईयों से शर्म के चलते लूट का ड्रामा किया था। पुलिस ने इसकी निशानदेही पर रजौकरी गांव की झाडियों से स्कूटी की चॉबी भी बरामद कर ली। आरोपियों ने लूट को सच दिखाने के लिए स्कूटी में तोड़फोड़ की थी।
विज्ञापन
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी गौरव शर्मा ने बताया कि कापसहेड़ा थाना पुलिस को दस जनवरी को रात करीब सवा ग्यारह बजे पीसीआर कॉल मिली थी। कॉल करने वाले युवक अर्जुन कुमार केसरी(30) ने कहा था कि जब वह मोबाइल लेने करोलबाग जा रहा था और कापसहेड़ा एस्टेट के पास सुनसान जगह पर पहुंचा तो दो युवकों ने उसका अपहरण कर लिया।
विज्ञापन
इन लोगों ने उसे कुछ सूंघा दिया। वह बेहोश हो गया तो आरोपियों ने उसे हाथ-पैर बांधकर उसे उसकी स्कूटी पर बीच मेंबैठा लिया। इसके बाद उसे रजोकरी के जंगल में ले गए। वहां स्कूटी की डिग्गी में रखे 3.14 लाख रुपये लूट लिए। उसने किसी तरह लोगों से मदद मांगी और अपने भाई को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे उसका भाई व दोस्त अर्जुन केसरी को घर ले आए। मामला दर्जकर वसंतकुंज एसीपी अजय वेदवाल की देखरेख में कापसहेड़ा थानाध्यक्ष सुनील की टीम ने जांच शुरू की।
एसीपी अजय वेदवाल ने जांच शुरू की तो अर्जुन के बयानो में विरोधाभास आया। मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो वहां कोई नजर नहीं आया। आरोपी की मोबाइल लोकेशन से पता लगा कि वह घटनास्थल पर गया भी नहीं था। बीस से ज्यादा जगह लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाला गया।
पुलिस को वारदात के कोई संकेत नहीं मिले, जांच आगे बढने पर पता चला पीड़ित ने लूट और अपहरण की खुद ही झूठी कहानी रची थी। अर्जुन का भाई के साथ मोबाइल व जूते की दुकान का व्यवसाय है। जगदंबा कम्यूनिकेशन नाम से मोबाइल की दुकान है। वही कैश का सारा जिम्मा और मोबाइल खरीदने का काम संभालता है। उसने कुछ लोगों से पैसा उधार भी ले रखा था। लेनदार उससे पैसे न मांगे और भाईयों के सामने उसे शर्मिंदा न होना पड़े इस कारण उसने लूट की झूठी कहानी रची थी।