दिल्ली सरकार संग जनता को भी अपने नए उपराज्यपाल से ढेरों उम्मीदें
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दिल्ली के नए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पुराने साल के अंतिम दिन कार्यभार संभाला, सोमवार को एक तरह से उनका पहला कार्यदिवस होगा। नए उपराज्यपाल से न सिर्फ दिल्ली सरकार संग जनता को भी विवादों से निकलकर विकास को स्पीड देने की तरकीब कुशलता से निकालने की उम्मीदें हैं।
जहां डीटीसी बसों में रियायती किराया प्रस्ताव, डीडीए की जमीन पर बने स्कूलों में नर्सरी दाखिले के नए दिशा निर्देश, एमसीडी के वार्ड परिसीमन की जल्द मंजूरी से राहत मिल सकती है।
पूर्व उपराज्यपाल के साथ चली उठापटक के बीच बैजल का नए साल में पदभार संभालने को लेकर आप सरकार भी कोशिश करेगी कि विवाद से हटकर कुछ काम स्पीड पकड़े। नॉन एसी बस में 5 रुपये और एसी बस में 10 रुपये के अलावा एक दिन का पास 20 रुपये एक महीने के करने का प्रस्ताव अंतिम चरण में चल रहा है।
इसके साथ ही सरकारी जमीन पर बने स्कूलों में दाखिले के नए दिशा निर्देश भी उपराज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद ही जारी होंगे। इसी साल एमसीडी के चुनाव नए परिसीमन के हिसाब से होने हैं जिसपर अंतिम मुहर उपराज्यपाल की लगनी है। फाइल राजनिवास में है, राजनीतिक दल मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
दिल्ली सरकार और राजनिवास के बीच विवाद से पिछड़े काम को स्पीड देने के लिए जरूरी है कि विवादित मामलों का जल्द समाधान हो। हालांकि उपराज्यपाल और चुनी हुई सरकार में कौन ताकतवर हो, इसकी सुनवाई अभी उच्चतम न्यायालय में चल रही है जिसके फैसले के बिना मामला सुधरना बहुत आसान नहीं लग रहा है।
दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक निर्माण, आम आदमी कैंटीन, सड़कों के रखरखाव, वैक्यूम क्लीनिक मशीन खरीद, स्लम पॉलिसी, न्यूनतम मजदूरी वृद्धि के मामले में सरकार से किए गए सुधार को लेकर भी नए उपराज्यपाल के रुख पर ही जनता को राहत या आफत निर्भर करेगा।
इन विवादों को सुलझाने की होगी चुनौती
पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग की तरफ से गठित डेढ़ साल के दिल्ली सरकार के कार्यों में गड़बड़ी ढूंढने के लिए गठित वीके शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट के हिसाब से कार्रवाई की चुनौती के बीच सरकार की तरफ से पैरवी के लिए वकीलों की नियुक्ति का अधिकार, दिल्ली महिला आयोग में सदस्य सचिव के कुर्सी पर लड़ाई, सलाहकारों की नियुक्ति विवाद, दिल्ली डॉयलॉग कमीशन के भविष्य के विवाद को सुलझाना बहुत आसान नहीं होगा।
एमसीडी को कर में भागीदारी के लिए चौथे वित्त आयोग की रिपोर्ट पर नए उपराज्यपाल के रुख का भी एमसीडी को इंतजार है। पूर्ण राज्य का दर्जा पर जनता की राय को देखने, सड़कों के रखरखाव का प्रस्ताव जल्द बनवाने के अलावा अनधिकृत कॉलोनी में नियमन के मामले में भी उपराज्यपाल को जनता के लिए विशेष ध्यान देना होगा।