महज 620 वोटों ने बचा ली थी आडवाणी की इज्जत
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लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंका जा चुका है और सियासी दलों ने अखाड़े में उतारने के लिए अपने खिलाड़ियों का चयन भी कर लिया है।
सब ज्यादा से ज्यादा वोट पाना चाहते हैं और इसी में कोई जीतता है तो कोई हार जाता है। लेकिन जब दो दिग्गज चुनाव लड़ते हैं तो मुकाबला जोरदार होता है। ऐसे ही एक मुकाबले में लालकृष्ण आडवाणी हारते-हारते बचे थे।
दिल्ली में सबसे कम अंतर से जीतने का रिकार्ड भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के नाम दर्ज है। नई दिल्ली सीट से उन्हें वर्ष 1991 में मात्र 620 मतों से जीत हासिल हुई थी। इस चुनाव में अभिनेता से नेता बने कांग्रेस के राजेश खन्ना ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी।
सज्जन कुमार के नाम सबसे ज्यादा वोट पाने का रिकॉर्ड
लोकसभा चुनाव हर कोई ज्यादा से ज्यादा वोट लेने का रिकार्ड अपने नाम करना चाहता है। लेकिन राजधानी के नाम सबसे ज्यादा वोट लेने का राष्ट्रीय रिकार्ड पहले से है। यह रिकार्ड कांग्रेस के सज्जन कुमार ने वर्ष 2004 में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह को हरा कर बनाया था।
इसका टूटना फिलहाल संभव नहीं लगता। कारण, परिसीमन के चलते करीब-करीब सभी लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या बराबर हो गई है। लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद चुनावी नक्शे से गायब हुए बाहरी दिल्ली क्षेत्र से लोकसभा चुनाव 2004 में सज्जन कुमार ने 8,55,550 वोट लिए थे।
उन्होंने उस समय के केंद्रीय मंत्री साहिब सिंह को करीब ढाई लाख मतों से हराया था। अब तक देश में हो चुके 15 लोकसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को इतने वोट नहीं मिले हैं। उस समय बाहरी दिल्ली में 35 लाख से अधिक मतदाता थे। अब संसदीय क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या उससे आधी भी नहीं है। इस कारण उनका यह रिकार्ड टूटने की संभावना न के बराबर है।
सबसे ज्यादा अंतर से जीतने का रिकार्ड एचकेएल भगत के नाम
दिल्ली राज्य स्तर पर भी कई रिकार्ड बने हुए हैं जो निकट भविष्य में टूटते दिखाई नहीं देते। दिल्ली में सबसे ज्यादा मत भले ही सज्जन कुमार के नाम है, सबसे ज्यादा अंतर से जीतने का रिकार्ड उनके राजनीतिक गुरु एचकेएल भगत के नाम दर्ज है।
भगत को वर्ष 1984 में इंदिरा लहर के दौरान पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में पड़े वोट में से 76.95 प्रतिशत मिले थे। इस चुनाव में उन्होंने 3,17,700 मतों से जीत दर्ज की थी। दिल्ली में अभी तक कोई भी उम्मीदवार इतने अंतर से नहीं जीता है। यह अब तक का सबसे ज्यादा मत प्रतिशत है।
चांदनी चौक और बाहरी दिल्ली के नाम भी है रिकॉर्ड
लोकसभा चुनाव में दिल्ली में अभी तक मत प्रतिशत के मामले में सबसे अधिक मतदान चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र में हुआ है। यहां वर्ष 1977 में 82.98 प्रतिशत मतदान हुआ था।
वहीं सबसे कम मतदान का रिकार्ड बाहरी दिल्ली में वर्ष 1999 बना। यहां उस दौरान 41.49 प्रतिशत मतदान हुआ था।