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Delhi : पीएम के प्रधान सचिव की सलाह- दमघोंटू हवा से बचाव के लिए बढ़ाएं स्वच्छ ईंधन, ईवी चार्जिंग सुविधाएं
Sat, 14 Oct 2023 06:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 14 Oct 2023 06:04 AM IST
सार
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न हितधारकों की तैयारियों की समीक्षा की।
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प्रमोद कुमार मिश्रा
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार स्वच्छ ईंधन और ईवी की ओर बढ़ने, ईवी चार्जिंग सुविधाएं बढ़ान पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न हितधारकों की तैयारियों की समीक्षा की।
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वायु प्रदूषण पर उच्चस्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मिश्रा ने साथ ही राज्यों को पराली जलाने पर नियंत्रण, वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए बायोमास प्रबंधन व वैकल्पिक फसल किस्मों को अपनाने के लिए कहा। प्रधान सचिव ने औद्योगिक प्रदूषण सहित वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों के प्रभाव को कम करने के लिए किए जा रहे विभिन्न उपायों के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसमें वाहन प्रदूषण, निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों से धूल, सड़कों और आरओडब्ल्यू से धूल नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू), कृषि अवशेष जलाना शामिल है। बैठक में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मुख्य सचिवों के साथ-साथ केंद्र सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सचिवों ने हिस्सा लिया।
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सीएक्यूएम के अध्यक्ष डॉ. एमएम कुट्टी ने बताया कि एनसीआर के उद्योगों को स्वच्छ ईंधन की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है और 240 औद्योगिक क्षेत्रों में से 211 को पहले ही सीएनजी कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। इसी तरह, 7759 ईंधन-आधारित उद्योगों में से 7449 पीएनजी/अनुमोदित ईंधन पर चलाए जा रहे हैं।
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समीक्षा बैठक में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हरियाली और वृक्षारोपण पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रधान सचिव ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के कार्यान्वयन, इसकी निगरानी और क्षेत्र स्तर पर इसके कार्यान्वयन में सुधार के उपायों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता की गिरावट को रोकने के लिए सभी संबंधित पक्षों का जीआरएपी में सूचीबद्ध कार्यों का कड़ाई से कार्यान्वयन महत्वपूर्ण है। एनसीआर में 4.12 लाख ई-वाहन हैं पंजीकृत कुट्टी ने यह भी बताया कि ई-वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान में एनसीआर में 4,12,393 ई- वाहन पंजीकृत हैं। ई-बसों और बैटरी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी बढ़ी है। अब दिल्ली में 4793 ईवी चार्जिंग पॉइंट हैं।
हरियाणा में पराली जलाने पर अब तक 331 चालान, 8.60 लाख रुपये जुर्माना
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़े मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि हरियाणा में पराली जलाने वाले हॉट स्पॉट की पहचान की गई है। उनकी विशेष निगरानी रखी जा रही है। पराली जलाने पर अब तक 331 चालान और आठ लाख 60 हजार का जुर्माना लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सब्सिडी पर किसानों को 19,141 - फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की स्वीकृति प्रदान की हैं, जबकि पिछले साल 8,071 मशीनें प्रदान की गई थीं।
5150 टीडीपी सीएंडडी अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाएं
निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी ) अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में सीएक्यूएम ने बताया कि 5150 टन प्रति दिन (टीपीडी) की क्षमता वाली 5 सीएंडडी अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाएं चालू हैं और 1000 टीपीडी क्षमता वाली एक और सुविधा दिल्ली में पाइपलाइन में है। हरियाणा में 600 टीपीडी क्षमता वाली सीएंडडी सुविधा चालू है और 700 टीपीडी पाइपलाइन में है। उत्तर प्रदेश में 1300 टीपीडी चालू है और 2 सुविधाएं पाइपलाइन में हैं। सभी राज्यों से सीएंडडी अपशिष्ट प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने का अनुरोध किया गया।