केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला, दिल्ली में अवैध कॉलोनियां होंगी नियमित
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दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को लेकर केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने 11 साल से लंबित अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला लिया है। केंद्र के इस फैसले का अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कैबिनेट ने दिल्ली की अवैध कॉलोनियों में रहने वाले 40-50 लाख लोगों को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक फैसला लिया है।
Union Minister Prakash Javadekar: Cabinet has taken historic decision to give ownership rights to 40 lakhs people living in unauthorised colonies in Delhi. pic.twitter.com/ooy8Zy4oYD
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 23, 2019
प्रेस कांफ्रेंस में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने इन कॉलोनियों को चिन्हित कर इनपर काम करने के लिए साल 2021 तक का समय मांगा था। केंद्र ने उनके लचर रवैये को देखते हुए खुद ही इन कॉलोनियों को नियमित करने को लेकर निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि अनियमित कॉलोनियों में रहने वाली आबादी को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहां रहने वाले लोग मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं, इसलिए केंद्र ने वहां रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देने का फैसला लिया है। इससे वो लोग अपनी जमीन की खरीद-बिक्री से लेकर लोन तक लेने के योग्य हो जाएंगे।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि, चूंकि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग निम्न आय वर्ग से ताल्लुक रखते हैं इसलिए उनके सालाना आय के आधार पर ही उनकी जमीन के रेट तय किए जाएंगे। रेट तय करने में यह भी देखा जाएगा कि जिस जमीन की डील हो रही है वहां का वर्तमान सर्कल रेट कितना है। उन्होंने कहा कि नियमित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1797 कॉलोनियां चिन्हित की गईं हैं। इनमें वन विभाग की जमीन, संरक्षित भूमि और 69 अन्य चिन्हित कॉलोनियों को शामिल नहीं किया गया है।
वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह दिल्ली के लोगों की काफी पुरानी मांग है। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं और मैं जनता की ओर से इस कदम के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं।
Delhi CM Arvind Kejriwal on Centre's decision to give ownership rights to 40 lakhs people living in unauthorised colonies in Delhi: This has been an old demand of the people of Delhi. We welcome this decision & I would like to thank Central govt on behalf of the people. pic.twitter.com/GQ1CiQ2n3Q
— ANI (@ANI) October 23, 2019
इससे पहले जुलाई महीने में ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया को शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि इससे करीब 60 लाख की आबादी को सीधा फायदा होगा। नियमित होने के बाद कॉलोनियों में रजिस्ट्री हो सकेगी। लोगों को उनके मकान का मालिकाना हक मिलेगा।
उन्होंने बताया था कि दो नवंबर, 2015 को दिल्ली कैबिनेट ने कॉलोनियों को नियमित करने का एक प्रस्ताव पास किया था। 12 नवंबर को इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेज दिया गया था, जिसपर बीते दिनों केंद्र सरकार ने सहमति जताई थी।