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जामिया हिंसा से जुड़ी सभी याचिकाओं में हाईकोर्ट 12 जून को करेगा सुनवाई, याचिकाकर्ता ने मांगा समय
Fri, 05 Jun 2020 10:51 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 05 Jun 2020 10:51 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
हाईकोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा से जुड़ीं सभी याचिकाओं पर सुनवाई 12 जून के लिए सूचीबद्ध कर दी है। गुरुवार को इस मामले में पुलिस ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर सभी आरोपों को गलत बताया था। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई की।
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इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील कॉलिन गोंजाल्विस और स्नेहा मुखर्जी ने दिल्ली पुलिस की ओर से दायर हलफनामे पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद पीठ ने जामिया मिल्लिया हिंसा की घटना से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई 12 जून के लिए तय कर दी।
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दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता अमित महाजन और रजत नायर ने अदालत से पुलिस के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज करने का अनुरोध किया। पुलिस ने अपने हलफनामे में सीएए के विरोध में प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय में पुलिस की कथित बर्बरता के खिलाफ निर्देश देने और दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया है।
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इसके साथ ही पुलिस ने कहा कि यह जनहित याचिकाओं का दुरुपयोग है, क्योंकि जामिया परिसर और उसके आसपास हिंसा की घटनाएं कुछ लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से की गई थी और इस घटना में उपद्रवियों को स्थानीय लोगों का समर्थन था। पुलिस के खिलाफ याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक नबीला हसन ने विश्वविद्यालय के छात्रों और स्थानीय निवासियों पर पुलिस की कथित बर्बरता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।