दिल्ली हाईकोर्ट: बाजारों में नहीं हो रहा कोविड नियमों का पालन, हम तीसरी लहर को न्योता नहीं दे सकते
न्यायमूर्ति नवीन चावला एवं न्यायमूर्ति आशा मेनन की अवकाशकालीन खंडपीठ ने एक हाईकोर्ट जज को व्हाट्सएप पर एम्स के डॉक्टर द्वारा भेजे गए कुछ फोटोग्राफों पर गौर किया। इनमें बाजार में वेंडर कोरोना नियमों का उल्लंघन करते दिख रहे हैं।
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हाईकोर्ट ने राजधानी के बाजारों में कोरोना नियमों के उल्लंघन पर संज्ञान लेते हुए चिंता जाहिर की। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी लापरवाही के कारण तीसरी लहर बेहद जल्द आएगी। ऐसे में ऐसी लापरवाही की अनुमति नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह का व्यवहार जारी रहता है तो हम सब बड़ी मुसीबत में होंगे। अगर ऐसा होता है तो ईश्वर हमारी मदद करें।
हाईकोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार को कड़े कदम उठाने, दुकानदारों को जागरूक करने और मार्केट एवं वेंडर एसोसिएशनों के साथ बैठकें करने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति नवीन चावला एवं न्यायमूर्ति आशा मेनन की अवकाशकालीन खंडपीठ ने एक हाईकोर्ट जज को व्हाट्सएप पर एम्स के डॉक्टर द्वारा भेजे गए कुछ फोटोग्राफों पर गौर किया। इनमें बाजार में वेंडर कोरोना नियमों का उल्लंघन करते दिख रहे हैं।
खंडपीठ ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी कीमत अदा कर चुके हैं। हम नहीं जानते कि कोई ऐसा घर है जो कम या ज्यादा कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में न आया हो। कहा कि यहां का शहरी होने के नाते इन तस्वीरों को देखकर हमें डर लगता है। आगे कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में लोगों द्वारा व्यक्तिगत नुकसान उठाने की यादें अभी बिल्कुल ताजा हैं।
कोर्ट ने खुद शुरू की जनहित याचिका
खंडपीठ ने कहा कि तीसरी आने वाली है और इस लापरवाही से बेहद तेजी से आएगी और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने इन फोटोग्राफ पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका शुरू करते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार व दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
लोगों में डर होना चाहिए, लेकिन डर भीतर से आना चाहिए। ये कहते हुए अदालत ने मामले की सुनवाई के नौ जुलाई की तारीख तय की है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
कुछ और कदम उठाने की जरूरत
खंडपीठ ने कहा कि उनका मानना है कि जरूरी तौर पर कुछ और कदम उठाने की जरूरत है। ये मार्केट एवं वेंडर एसोसिएशनों से बात करके तथा अधिक संख्या में सिविल डिफेंस तथा पुलिसकर्मी की तैनाती बाजरों व हाटों में करके किया जा सकता है।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि कोर्ट की चिंता से संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा क्योंकि हम तीसरी लहर का जोखिम नहीं उठा सकते। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी अधिकारियों व नौकरशाहों को कोरोना प्रोटोकोल का पालन सुनिश्चित करवाते हुए लोगों के जीवन को सामान्य बनाने का विवेकपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। हमेशा तो लॉकडाउन नहीं रखा जा सकता।
दुकानदारों को जागरूक करने की जरूरत
हाईकोर्ट ने कहा इन फोटोग्राफों में मुख्य तौर पर ठेलेवाले दिख रहे हैं। मार्केट एसोसिएशनों को ये सुनिश्चित करना चाहिए जो लोग आसपास खड़े वो मास्क जरूर पहनें। लोग गर्मी में धूप से बचने के लिए भी अपने चेहरे को कवर करते हैं तो इस लिहाज से मास्क पहनना कोई बड़ी परेशानी नहीं है। इन लोगों को कड़ाई से जागरूक करने की जरूरत है, क्योंकि लोगों को अपना काम करने से नहीं रोका जा सकता क्योंकि ये उनकी आजीविका से जुड़ा है लेकिन इन लोगों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा क्योंकि ये संक्रमित हुए तो संक्रमण घर ले जाएंगे और उसे स्प्रेड करेंगे।
वहीं दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि राजधानी के मॉल में इससे ज्यादा खतरनाक फोटोग्राफ हैं जिनमें लोग उल्लंघन करते देखे जा सकते हैं। इसलिए ऐसा नहीं है कि छोटे वेंडर ही नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।