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दंगे की आंच में फिर घिरी यूपी सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 12 Sep 2014 10:49 PM IST
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मेरठ के हाशिमपुरा मामले में तत्कालीन गृह राज्यमंत्री पी. चिदंबरम की भूमिका की जांच करने के संबंध में दायर याचिका पर यूपी सरकार ने छह माह में भी जवाब दाखिल नहीं किया। इस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 5 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।
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न्यायमूर्ति वीपी वैश ने 27 मार्च को यूपी के मुख्य सचिव को स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि क्यों न याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने यह निर्देश भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा दायर सिंगल जज के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था।
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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान यूपी सरकार की तरफ से जवाब दाखिल नहीं किया गया और न ही कोई वकील पेश हुआ। स्वामी के आग्रह पर अदालत ने जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 5 दिसंबर तय कर दी।
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याची ने तर्क रखा कि जिन पुलिसकर्मियों पर मुकदमा चल रहा है, उन्होंने केवल अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश का पालन किया था। चिदंबरम उस समय केंद्रीय गृह राज्य मंत्री थे, ऐसे में मामले में उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।
मामला 1987 में मेरठ के हाशिमपुरा में विशेष समुदाय के 42 युवकों की हत्या से जुड़ा है। मामले में पीएसी के 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इनमें से तीन की मृत्यु हो चुकी है और अब 16 पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा चल रहा है।