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दिल्लीः प्राइवेट स्कूलों के फीस बढ़ोतरी पर हाईकोर्ट ने आठ अप्रैल तक लगाई रोक

Wed, 03 Apr 2019 07:37 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 03 Apr 2019 07:37 PM IST
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Delhi High court stays till April 8 interim fee hike by private unaided schools
दिल्ली हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

हाईकोर्ट ने गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर 8 अप्रैल तक अंतरिम रोक लगा दी है। एकल पीठ ने निजी स्कूलों में फीस वृद्धि की अनुमति प्रदान की थी। निजी स्कूलों का कहना था कि उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक अध्यापकों व अन्य स्टाफ को वेतन देने के लिए फीस बढ़ाने की जरूरत है। 

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न्यायमूर्ति एस मुरलीधर व न्यायमूर्ति आईएस मेहता की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ के आदेश पर 8 अप्रैल तक रोक लगा दी है। खंडपीठ ने साथ ही गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूल एक्शन कमेटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट के एकल पीठ ने दिल्ली सरकार के 13 अप्रैल 2018 के सर्कुलर को रद्द करते हुए निजी स्कूलों को 15 मार्च को फीस वृद्धि की अनुमति दी थी। दिल्ली सरकार के सर्कुलर में कहा गया था कि जो स्कूल सरकारी जमीन पर चल रहे हैं, वह शिक्षा निदेशालय की अनुमति के बिना फीस वृद्धि नहीं कर सकते। यह आदेश केवल उन स्कूलों के लिए था जो सरकार से रियायती दरों पर मिली जमीन पर चल रहे हैं। 
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दिल्ली सरकार के सर्कुलर को रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूल फीस वृद्धि के बाद वसूली जाने वाली फीस का ब्यौरा शिक्षा निदेशालय के समक्ष रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्कूल कैपिटेशन फीस के नाम पर फीस न वसूली जाए। कोर्ट ने यह आदेश गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों की एक्शन कमेटी की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया था। कमेटी ने दिल्ली सरकार के सर्कुलर को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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निजी स्कूलों की ओर से याचिका दायर कर अधिवक्ता कमल गुप्ता ने कहा था कि अध्यापकों व अन्य स्टाफ को वेतन व भत्तों के भुगतान के संबंध में दिल्ली स्कूल एजूकेशन एक्ट सभी स्कूलों के लिए समान है। इसलिए सरकारी जमीन पर बने स्कूलों पर इस तरह की पाबंदी लगाना गलत है। इसके मद्देनजर दिल्ली सरकार का 13 अप्रैल 2018 का सर्कुलर पूरी तरह गलत है। दिल्ली सरकार ने यह सर्कुलर, 17 अक्तूबर 2017 के सर्कुलर को रद्द करते हुए जारी किया था। सरकार ने अक्तूबर 2017 के सर्कुलर में निजी स्कूलों को फीस वृद्धि की अनुमति दी थी। 

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