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अधिकारियों ने 300 साल पुराने बरगद का नहीं किया संरक्षण, हाईकोर्ट ने लगाई जमकर फटकार
Sat, 21 Nov 2020 07:27 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 21 Nov 2020 07:27 PM IST
सार
-नई सड़क स्थित बरगद वाली कोठी में स्थित है 300 साल पुराना बरगद
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social media
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने नई सड़क के 300 साल पुराने बरगद के वृक्ष को संरक्षित करने के आदेश का अनुपालन ना करने पर दिल्ली सरकार और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई। इससे पहले पीठ ने बरगद के आसपास किए गए अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया था। पीठ ने मामले में अगली सुनवाई 27 नवंबर के लिए सूचीबद्ध की है।
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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए नाराजगी जताई और कहा कि दिल्ली सरकार और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी क्यों नहीं किया जाए? पीठ ने कहा कि यह स्पष्ट होता है कि अधिकारियों ने जानबूझकर आदेश अवज्ञा की है।
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पीठ ने कहा वृक्ष के आसपास निर्माण के लिए उसकी जड़ों को काट दिया गया और वहां सीमेंट लगा दिया। इस कंक्रीट को हटाने के आदेश के बावजूद अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण नहीं किया।
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कोर्ट ने गौर किया कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि वृक्ष के आसपास अभी भी कंक्रीट है, जिसकी वजह से वृक्ष का अस्तित्व खतरे में हैं। पीठ ने कहा कि यह वृक्ष एक धरोहर है और इसे संरक्षित करना आवश्यक है।
यह याचिका नई सड़क के एक कारोबारी नितिन गुप्ता की ओर से दायर की गई है। इस बरगद के वृक्ष के आसपास हो रहे अवैध निर्माण की वजह से नितिन गुप्ता की दुकान में दरारें पड़ गई हैं। इसके विरोध में उन्होंन अवैध निर्माण पर रोक लगाने और वृक्ष को सरंक्षित करने के लिए आग्रह किया है। इसके साथ ही एक अन्य दुकानदार कुश्माकर रस्तोगी ने भी इस वृक्ष को संरक्षित करने के लिए याचिका दायर की है।
आदेश की अवहेलना के बाद पीठ ने वृक्ष के आसपास की वर्तमान स्थिति को लेकर उत्तरी दिल्ली नगमायुक्त और दिल्ली सरकार को शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।