{"_id":"658b25c193a0126c5701edc6","slug":"delhi-high-court-said-withdrawal-from-divorce-agreement-without-proper-reason-is-mental-cruelty-2023-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- बिना उचित कारण तलाक के समझौते से एकतरफा वापसी मानसिक क्रूरता के समान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- बिना उचित कारण तलाक के समझौते से एकतरफा वापसी मानसिक क्रूरता के समान
Wed, 27 Dec 2023 12:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 27 Dec 2023 12:43 AM IST
सार
कोर्ट ने पति को तलाक देने के पारिवारिक अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।
विज्ञापन
Delhi high court
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उच्च न्यायालय ने माना कि पति-पत्नी का आपसी सहमति से तलाक के समझौते से एकतरफा हटना मानसिक क्रूरता के समान है। कोर्ट ने पति को तलाक देने के पारिवारिक अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने उच्च न्यायालयों के फैसलों का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि जब पति-पत्नी आपसी रजामंदी से तलाक पर सहमत होते हैं, तो पति या पत्नी द्वारा एकतरफा सहमति वापस ले ली जाती है तो यह जीवनसाथी के प्रति होने वाली क्रूरता को बढ़ाता है।
विज्ञापन
पीठ ने कहा, इस प्रकार अपीलकर्ता/पत्नी के ऐसे आचरण से पति को यह विश्वास हो गया कि उनके विवाद समाप्त होने वाले हैं और फिर समझौते के प्रयास से पीछे हटना पति के मन में बेचैनी, क्रूरता और अनिश्चितता पैदा कर सकता है।
विज्ञापन
यह स्पष्ट है कि पार्टियों के बीच की लड़ाई किसी भी उचित आधार पर नहीं थी, बल्कि जीवनसाथी के खिलाफ प्रतिशोध लेने की इच्छा से प्रेरित अहंकार के बीच एक युद्ध था। इस प्रकार आपसी सहमति से तलाक से इस तरह की एकतरफा वापसी क्रूरता के समान है।
पीठ ने 20 मार्च 2017 के पारिवारिक अदालत के आदेश के खिलाफ एक महिला द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह निष्कर्ष निकाला जिसमें क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए उसके पति की याचिका को अनुमति दी गई थी। जोड़े ने दिसंबर 2001 में शादी की थी लेकिन यह शादी केवल तेरह महीने तक ही टिक पाई क्योंकि जनवरी 2003 में वे अलग हो गए।