दिल्ली हाईकोर्ट से केजरीवाल को झटका, VVPAT मशीनों के इस्तेमाल की याचिका खारिज
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दरअसल, ईवीएम में छेड़छाड़ पर चल रही बहस के बीच आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया थाा।
पार्टी ने याचिका दाखिल कर कोर्ट से अनुरोध किया है कि दिल्ली के तीनों निगमों के चुनाव में ईवीएम के साथ वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों का इस्तेमाल किया जाए।
इसके लिए पार्टी ने हाईकोर्ट से चुनाव आयोग को निर्देश देने की भी मांग की थी। पर शनिवार को कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी।
Delhi HC rejects plea seeking direction to state ECs and ECI to use only second generation EVMs with VVPAT in upcoming civic poll in Delhi
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) April 21, 2017
ये है पूरा मामला
हाईकोर्ट ने दिल्ली नगर निगम चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) इस्तेमाल करने संबंधी आम आदमी पार्टी सरकार की मांग पर कोई भी अंतरिम आदेश देने से इंकार कर दिया।
न्यायमूर्ति एके पाठक ने मामले में फिलहाल भारतीय चुनाव आयोग व दिल्ली राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर दो दिन में इस मुद्दे पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने आप के उस तर्क को खारिज कर दिया कि मतगणना 23 अप्रैल को है ऐसे में जल्द सुनवाई की जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 21 अप्रैल तय कर दी।
अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह के तर्कों पर असहमति जताते हुए कहा आखिरी समय में कोई राहत नहीं दी जा सकती।
वर्तमान में अदालत न चुनाव पर रोक लगा सकती है और न ही वीवीपैट के इस्तेमाल का कोई आदेश पारित कर सकती है। अदालत ने आयोग से कहा कि वह जवाब दायर कर इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखें और बताएं की कितनी वीवीपैट मशीन उपलब्ध है।
इससे पूर्व आप व नेहरू विहार वार्ड से आप प्रत्याशी हाजी ताहिर हुसैन की ओर से पेश इंदिरा जयसिंह ने कहा निगम चुनाव में जेनरेशन 2 ईवीएम मशीन इस्तेमाल की जाए, क्योंकि इनके साथ वीवीपैट उपयोग में लाया जा सकता है। वे चुनाव पर रोक लगाने की मांग नहीं कर रहे।