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Delhi Riots 2020: उमर खालिद और शरजील इमाम को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

Tue, 02 Sep 2025 04:25 PM IST
अनुज कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 02 Sep 2025 04:25 PM IST
सार

2020 में दिल्ली में दंगे हुए थे, उमर खालिद और अन्य पर साजिश रचने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद, शरजील इमाम पर दंगों का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया था।

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Delhi High Court refuses to grant bail to Umar Khalid and Sharjeel Imam.
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 के दंगों से जुड़े एक यूएपीए मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम समेत 10 आरोपियों को जमानत देने से इन्कार कर दिया। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ ने नौ आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। वहीं जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने तसलीम अहमद की याचिका खारिज की। दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

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हाईकोर्ट ने 9 जुलाई को आदेश सुरक्षित रखा था और मंगलवार को फैसला सुनाया। सभी आरोपी 2020 से जेल में हैं। इन्होंने ट्रायल कोर्ट से जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया था। अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि यह पूर्व-नियोजित साजिश का मामला है। 
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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि यह भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की साजिश थी और केवल लंबी अवधि तक जेल में रहना जमानत का आधार नहीं हो सकता। उमर खालिद, शरजील इमाम, मोहम्मद सलीम खान, शिफा-उर-रहमान, अतहर खान, मीरान हैदर, अब्दुल खालिद सैफी, गुलफिशा फातिमा और शादाब अहमद की जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट में 2022 से लंबित थीं।
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वहीं इमाम के वकील ने तर्क दिया कि वह जगह, समय और खालिद सहित सह-आरोपियों से पूरी तरह से अलग थे। उनके भाषणों और व्हाट्सएप चैट में कभी भी किसी अशांति का आह्वान नहीं किया गया था। खालिद, इमाम और कई अन्य लोगों पर फरवरी 2020 के दंगों के कथित मास्टरमाइंड होने के लिए गैरकानूनी गतिविधिया (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और आईपीसी के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी।


सुप्रीम कोर्ट में अपील की तैयारी
गौरतलब है कि फरवरी 2020 में दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की थी। इस हिंसा के पीछे साजिश रचने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद और शरजील इमाम को मास्टरमाइंड बताया था। पुलिस ने इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था।

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