फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi high court refused to Sanatan Dharma Raksha Board plea

Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट में 'सनातन धर्म रक्षा बोर्ड' के गठन की मांग वाली याचिका रद्द, जानें क्या कहा

Wed, 27 Nov 2024 01:36 PM IST
अनुज कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 27 Nov 2024 01:36 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सनातन धर्म रक्षा बोर्ड के गठन की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। साथ ही मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र से संपर्क करने के लिए कहा है।

विज्ञापन
Delhi high court refused to Sanatan Dharma Raksha Board plea
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सनातन धर्म रक्षा बोर्ड के गठन की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। याचिका पर मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट अधिकारियों को ऐसा बोर्ड गठित करने का निर्देश नहीं दे सकती है। क्योंकि यह मुद्दा नीतिगत दायरे में आता है और याचिकाकर्ता से कहा कि वह इसके बजाय सरकार से संपर्क करें।

विज्ञापन


इस मामले पर न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि आपको सरकार के पास जाना होगा। हम ऐसा नहीं करते है। इस मुद्दे को संसद में सांसद उठाएंगे। हम इसमें कुछ नहीं कर सकते है। हम यह नहीं कह सकते कि ट्रस्ट बनाओ।
विज्ञापन


सनातन हिंदू सेवा संघ ट्रस्ट के वकील ने तर्क दिया कि बोर्ड की जरूरत सनातन धर्म की रक्षा के लिए है। जिसके अनुयायियों पर कथित तौर पर अन्य धर्मों के अनुयायियों द्वारा हमला किया जा रहा है। अन्य धर्मों के लिए भी इसी तरह के बोर्ड मौजूद हैं, लेकिन उनके ज्ञापन पर केंद्र की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed