फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court quashes punishment of Delhi Police officer in 18 years old corruption case

Delhi: हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारी की सजा की रद, 18 साल पुराना है भ्रष्टाचार का मामला

Sat, 10 Dec 2022 11:05 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sat, 10 Dec 2022 11:05 PM IST
सार

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने अपने 30 पृष्ठों के फैसले में महिला अधिकारी सुदेश कौशिक की सजा रदद करते हुए कहा कि पेश इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य विश्वसनीय नहीं है। इसके अलावा कई अहम गवाहों से पूछताछ नहीं की गई।

विज्ञापन
Delhi High Court quashes punishment of Delhi Police officer in 18 years old corruption case
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में 18 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस की एक महिला अधिकारी को राहत प्रदान कर दी। अदालत ने निचली अदालत द्वारा प्रदान सजा को रद्द करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों में कई खामियां हैं और बिना शक अपराध साबित नहीं होता।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने अपने 30 पृष्ठों के फैसले में महिला अधिकारी सुदेश कौशिक की सजा रदद करते हुए कहा कि पेश इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य विश्वसनीय नहीं है। इसके अलावा कई अहम गवाहों से पूछताछ नहीं की गई।
विज्ञापन


अदालत ने बचाव पक्ष के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि जिस कॉफी हाउस में उनकी मुवक्किल को कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था, उसके मैनेजर या किसी अन्य को गवाह नहीं बनाया गया। इसके अलावा आरोप के अनुसार, जिस वसंत विहार थानाध्यक्ष की ओर से वह रिश्वत की राशि ले रही थी, उनके बयान तक सीबीआई ने दर्ज नहीं किए। स्पष्ट है कि उनकी मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है। ऐसे में निचली अदालत के फैसले को रद्द कर उनकी मुवक्किल को रिहा किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पेश मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता गगन हून को आरोपी ने 9 अप्रैल 2004 को थाने में बुलाया और कहा कि उसके खिलाफ एक शिकायत आई है। इसके बाद थानाध्यक्ष ने उसके आरोपी से सहयोग करने के लिए कहा और उससे 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद सीबीआई ने 15 अप्रैल 2004 को रिश्वत की राशि से पहली किश्त के रूप में दो हजार रुपये लेते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। निचली अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुदेश कौशिक को 30 जुलाई 2009 को दोषी ठहरा दिया और एक वर्ष कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed