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हाईकोर्ट ने एनडी तिवारी को दिया लास्ट चांस
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 12 Feb 2014 10:49 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पुत्र विवाद मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी को पक्ष रखने के लिए सशर्त अंतिम मौका प्रदान किया है।
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अदालत ने तिवारी को हर हाल में 20 फरवरी को लोकल कमिश्नर के समक्ष पेश होने का निर्देश देते हुए ढाई लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह राशि पुत्र का दावा करने वाले रोहित शेखर को देने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट्ट व न्यायमूर्ति आरवी ईश्वर की खंडपीठ ने तिवारी के उस आग्रह को खारिज कर दिया कि उनके मामले की लोकल कमिश्नर के समक्ष सुनवाई हाईकोर्ट परिसर से बाहर की जाए। खंडपीठ ने कहा कि रोहित व उसकी मां उज्जवला शर्मा के बयान अदालत परिसर में ही हुए हैं। ऐसे में उन्हें कोई छूट नहीं दी जा सकती।
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तिवारी ने हाईकोर्ट की अपेक्षा नेहरू बाल भवन या यूपी हाउस में सुनवाई का आग्रह किया था। खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि तिवारी को वे अंतिम मौका प्रदान कर रहे हैं। यदि वे अब भी पेश नहीं हुए तो भविष्य में मौका नहीं मिलेगा।
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अदालत ने तिवारी के अधिवक्ता द्वारा ढाई लाख रुपये जुर्माने को माफ करने के तर्क को भी खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि तिवारी को लोकल कमिश्नर के समक्ष पेश होने के कई मौके दिए गए और वे पेश नहीं हुए।
मुवक्किल ने अदालती प्रक्रिया का सम्मान नहीं किया। जुर्माना मात्र आप के मुवक्किल पर ही नहीं लगाया गया, बल्कि हर उस व्यक्ति पर लगाया जाता है जो अदालती प्रक्रिया का सम्मान नहीं करता। अत: वे जुर्माने की राशि रोहित शेखर को अदा करें।
पेश मामले के मुताबिक, तिवारी ने मामले में दो याचिकाएं दायर की थीं। एक याचिका में उन्होंने स्वयं से जिरह कोर्ट से बाहर करने व दूसरी में सिंगल जज के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें रोहित शेखर को उनका पुत्र बताया है।