गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति और प्रमोशन पर दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई रोक
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दिल्ली हाईकोर्ट ने गेस्ट टीचरों की नियमित नियुक्ति व पदोन्नति पर फिलहाल रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार अतिथि अध्यापकों की नियमित नियुक्ति के लिए 4 अक्तूबर को विधानसभा में बिल लाने की तैयारी कर रही थी।
मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 अक्तूबर की तारीख तय की गई है। कोर्ट ने अगली तारीख तक यथास्थिति कायम रखने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस एके चावला के समक्ष दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता रमेश सिंह ने कहा कि अतिथि अध्यापकों को नियमित करने से बिल को विधानसभा में पेश करने तैयारी चल रही है।
संभवत: इसे 4 अक्तूबर को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से पूछा कि क्या इन अध्यापकों में वह अध्यापक भी होंगे जो वर्ष 2010 से काम कर रहे हैं। इस पर सरकारी वकील ने जानकारी न होने की बात कही।
दिल्ली सरकार बिल लाने की तैयारी कर रही है
इसके बाद कोर्ट ने नियुक्तियोें पर पदोन्नति पर रोक लगाते हूए अगली तारीख तक यथस्थिति कायम करने का निर्देश दिए हैं। बता दें हाईकोर्ट खंडपीठ ने 2016 में याचिका पर सुनवाई के बाद राजधानी में अध्यापकों के 26 हजार से ज्यादा पदों को भरने का निर्देश दिया था। इस आदेश पर अब काम होना शुरु हुआ है।
इन अध्यापकों के वह नौ हजार पद शामिल नहीं है जो बाद में खाली हुये हैं और जिनका विज्ञापन डीएसएसएसबी ने सात अगस्त को निकाला था लेकिन जिसे बाद में 24 अगस्त को वापस ले लिया गया।
दिल्ली सरकार की ओर से इसके लिए कहा गया था कि सरकार पहले अतिथि अध्यापकों का मुद्दा सुलझाना चाहती है और उसके बाद नये अध्यापकों की भर्ती पर विचार किया जायेगा। अब सरकार अतिथि अध्यापकों को नियमित करने संबंधी बिल लाने की तैयारी कर रही है।