फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court grants parole to jailed prisoner for having a child

संतानोत्पत्ति के लिए मिली पैरोल: 14 साल से जेल में बंद है कैदी, HC ने माना वंश बढ़ाना कैदियों का मौलिक अधिकार

Tue, 26 Dec 2023 08:54 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 26 Dec 2023 08:54 AM IST
सार

अदालत ने कहा, भारत में न्यायपालिका ने हमेशा यह मानने से इन्कार कर दिया कि कैदियों के पास कोई मौलिक अधिकार नहीं है। यह न्यायालय उसी परंपरा का पालन कर रहा है।

विज्ञापन
Delhi High Court grants parole to jailed prisoner for having a child
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने माना कि संतानोत्पत्ति कैदियों का मौलिक अधिकार है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह अधिकार पूर्ण नहीं है, बल्कि संदर्भ पर निर्भर करता है और कैदी के माता-पिता की स्थिति और उम्र जैसे कारकों पर विचार करके, व्यक्तिगत अधिकारों, व्यापक सामाजिक विचारों के बीच नाजुक संतुलन को बनाए रखने के लिए एक निष्पक्ष और उचित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

विज्ञापन

अदालत ने कहा, भारत में न्यायपालिका ने हमेशा यह मानने से इन्कार कर दिया कि कैदियों के पास कोई मौलिक अधिकार नहीं है। यह न्यायालय उसी परंपरा का पालन कर रहा है जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा सौंपी गई है और यह न्यायालय सम्मानपूर्वक सांविधानिक अधिकारों की व्याख्या करने के इरादे को अपनाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नई स्थितियों और चुनौतियों को बनाए रखने और शामिल करने का मानना है कि माता-पिता बनने और संतानोत्पत्ति का अधिकार किसी मामले की विशिष्ट परिस्थितियों में दोषी का मौलिक अधिकार है। न्यायमूर्ति शर्मा हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे कुंदन सिंह  की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। 

विज्ञापन

14 साल जेल में बिताने के बाद, सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और कहा  कि वह 41 साल का है और उसकी पत्नी 38 साल की है। उनके कोई बच्चा नहीं है और वे संतान पैदा करके अपने वंश की रक्षा करना चाहते हैं। अदालत ने सिंह को चार सप्ताह की पैरोल दी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed