उन्नाव दुष्कर्म मामला: दिल्ली हाईकोर्ट से राहत बरकरार, पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की अंतरिम जमानत बढ़ी
दिल्ली हाईकोर्ट में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की राहत को बरकरार रखा है। कोर्ट ने चिकित्सा राहत को 15 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया है। सेंगर को उन्नाव दुष्कर्म मामले में 10 साल की सजा हुई थी।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई चिकित्सा राहत 15 जनवरी तक बढ़ा दी। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने सेंगर से मिलने आने वाले आगंतुकों की बड़ी संख्या को देखते हुए समय सीमा बढ़ाने की अनुमति दे दी।
सेंगर के वकील ने अदालत को बताया कि सेंगर के अस्वस्थ होने तथा पूर्व विधायक होने के कारण उनके कई शुभचिंतक हैं। अदालत में उपस्थित पीड़िता की मां ने भी सेंगर को दी गई चिकित्सा राहत पर अपनी आपत्ति व्यक्त की।
इससे पहले 5 दिसंबर को पीठ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को सेंगर की चिकित्सा स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था ताकि यह आकलन किया जा सके कि क्या जेल के भीतर उसका इलाज किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर को सीबीआई भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया, जो चिकित्सा आधार पर अपनी 10 साल की जेल की सजा को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की अध्यक्षता वाली अदालत ने जेल अधिकारियों को सेंगर की चिकित्सा स्थिति पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। सेंगर को 2017 में नाबालिग से बलात्कार के लिए दिसंबर 2022 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।