फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi High Court did not give permission to program to be held in Ramlila Maidan

Delhi: रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को नहीं मिली अनुमति, कोर्ट ने कहा- सांप्रदायिक हैं पोस्टर

Wed, 25 Oct 2023 06:16 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: श्याम जी. Updated Wed, 25 Oct 2023 06:16 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने रामलीला मैदान में आयोजनी होने वाली बैठक को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कार्यक्रम सांप्रदायिक रंग ले सकता है और इसके परिणाम भी सांप्रदायिक हो सकत हैं। 
 

विज्ञापन
Delhi High Court did not give permission to program to be held in Ramlila Maidan
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 अक्तूबर को रामलीला मैदान में  होने वाली सार्वजनिक बैठक को अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस बैठक में कार्यक्रम में करीब दस हजार लोग शामिल होने वाले थे। कोर्ट ने कहा कि पोस्टर से संकेत मिल रहा है कि कार्यक्रम सांप्रदायिक रंग ले सकता है और इसके परिणाम भी सांप्रदायिक हो सकत हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद याचिकाकर्ता संगठन वक्ताओं की एक सूची देकर और अधिकारियों को आश्वासन देकर नई अनुमति मांगने के लिए अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। कार्यक्रम के परिणामस्वरूप तनाव नहीं होगा। यदि आवेदन प्राप्त होता है तो अधिकारियों द्वारा उसकी योग्यता के आधार पर विचार किया जाएगा।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा प्रतिवादी नंबर 2 (दिल्ली पुलिस) द्वारा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को वापस लेने वाले 16 अक्तूबर के पत्र में किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। उच्च न्यायालय ने यह आदेश मिशन सेव कॉन्स्टिट्यूशन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जो जनता के बीच उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए काम करने का दावा करता है।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ कई बैठकों और कई मंजूरी लेने के बाद 29 अक्तूबर को बैठक की अनुमति दी गई। बाद में मध्य दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने एकतरफा मनमाने तरीके से कार्यक्रम को सांप्रदायिक बताते हुए अनुमति रद्द कर दी। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता अल्पसंख्यक समुदायों से शुरू होकर एससी, एसटी, ओबीसी जैसे अन्य समुदायों के साथ शुरू होने वाले सभी कमजोर वर्गों को मजबूत करने के लिए कार्यक्रमों की एक श्रृंखला शुरू करना चाहता है और बैठकों व पंचायत में सभी उत्पीड़ितों की आवाज उठाई जाएगी। इस सीरीज की शुरुआत 29 अक्तूबर को एक इवेंट से होनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि जमीनी हकीकत से वाकिफ इलाके के एसएचओ द्वारा जताई गई आशंका को महज काल्पनिक नहीं कहा जा सकता है। हालांकि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) और 19 (1) (बी) के तहत किसी को अपनी आवाज उठाने की आजादी है। लेकिन साथ ही कानून और व्यवस्था की स्थिति पैदा होने की संभावना है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि यह अच्छी तरह से स्थापित है कि निर्णय लेते समय अधिकारियों को कुछ छूट दी जानी चाहिए और न्यायिक समीक्षा का दायरा सीमित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed