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Delhi: 'पसंद के व्यक्ति से शादी करना सांविधानिक अधिकार, परिवार भी नहीं कर सकता आपत्ति', हाईकोर्ट की टिप्पणी

Thu, 26 Oct 2023 09:19 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 26 Oct 2023 09:19 PM IST
सार

अदालत ने कहा कि पसंद के व्यक्ति से शादी करने का अधिकार अमिट है। परिवार के सदस्य भी ऐसे वैवाहिक संबंधों पर आपत्ति नहीं कर सकते हैं। अदालत ने शादी के बाद परिवार से धमकियों का सामना कर रहे एक जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान करते हुए यह टिप्पणी की।

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Delhi High Court commented that it is constitutional right to marry person of one s choice
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पसंद के व्यक्ति से शादी करने का अधिकार अमिट और सांविधानिक रूप से संरक्षित है। परिवार के सदस्य भी ऐसे वैवाहिक संबंधों पर आपत्ति नहीं कर सकते हैं। अदालत ने शादी के बाद परिवार से धमकियों का सामना कर रहे एक जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान करते हुए यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने इस बात पर जोर दिया कि अपने नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना राज्य का सांविधानिक दायित्व है। उच्च न्यायालय प्रेमी जोड़े के सांविधानिक अधिकारों को आगे बढ़ाने की उम्मीद करता है।

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कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ताओं के बालिग होने के तथ्य के बारे में कोई संदेह नहीं है। यहां तक कि परिवार के सदस्य भी ऐसे संबंध या याचिकाकर्ताओं के बीच वैवाहिक संबंधों पर आपत्ति नहीं कर सकते। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध अप्रैल में शादी की थी और परिवार के सदस्यों, विशेषकर महिला की मां की धमकियों के बीच तब से खुशी-खुशी साथ रह रहे है। 

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अदालत ने राज्य को दोनों याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देेते हुए यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि उनमें से किसी को भी विशेषकर महिला के माता-पिता या परिवार के सदस्यों को कोई नुकसान न पहुंचे। अदालत ने संबंधित बीट अधिकारी को समय-समय पर उनकी जांच करने के लिए कहा है। अदालत ने कहा याचिकाकर्ता आईओ को अपने वर्तमान आवासीय पते के साथ-साथ कामकाजी पते का भी खुलासा करे, जो किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को इसका खुलासा नहीं करेगा।

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