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हाईकोर्ट ने पूछा: आरएएन में वित्तीय लाभ के लिए राशन कार्ड होना क्यों जरूरी, अगली सुनवाई 31 अगस्त को
Fri, 05 Aug 2022 02:28 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 05 Aug 2022 02:28 PM IST
सार
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता को नया राशन कार्ड जारी नहीं होने के परिणामस्वरूप एम्स में इलाज के लिए सहायता अनुदान के लिए आरएएन योजना के तहत आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय आरोग्य निधि (आरएएन) के तहत वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए राशन कार्ड होना क्यों जरूरी है। यह सवाल दिल्ली उच्च न्यायालय ने किया है। अदालत 30 वर्षीय महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरएएन गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले और जानलेवा बीमारियों से पीड़ित रोगियों को किसी भी सुपर स्पेशियलिटी या सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। ऐसे रोगियों को वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि संबंधित अस्पताल को जारी की जाती है।
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न्यायाधीश ने कहा कि यह क्या आवश्यक है? यदि आप परिवार का विवरण जानना चाहते हैं तो अन्य दस्तावेज हैं। क्यों जरूरी है राशन कार्ड? याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल और कुमार उत्कर्ष के माध्यम से दायर अपनी याचिका में कहा कि उसे बाहर से रक्त और प्लेटलेट्स की जरूरत है। चूंकि कोई दवा काम नहीं कर रही है, इसलिए उसके जीवन को बचाने का एकमात्र तरीका इम्यूनो मॉड्यूलेशन है, जिसके लिए उसे लगभग 15 लाख रुपये खर्च करने होंगे।
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याचिका में कहा गया है कि केंद्र द्वारा 72,77,995 व्यक्तियों की सीमा से अधिक नए राशन कार्ड नहीं दिए जाने के कारण याचिकाकर्ता के परिवार को नया राशन कार्ड जारी नहीं किया जा सकता है। सरकार ने राशन कार्ड लाभार्थियों की सीमा सीमा बढ़ाने के लिए केंद्र से अनुरोध किया था, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया था। याचिका में कहा गया है कि इस मुद्दे के कारण याचिकाकर्ता को नया राशन कार्ड जारी नहीं किया जा सका। जिसके परिणामस्वरूप एम्स में इलाज के लिए सहायता अनुदान के लिए आरएएन योजना के तहत आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।