फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi high court ask reply from centre and delhi police to respond to plea to remove unnecessary barricading from roads

हाईकोर्ट: सड़कों पर लगे बेवजह के बैरिकेड के खिलाफ दायर याचिका पर अदालत ने केंद्र और दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब

Wed, 27 Oct 2021 05:00 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 27 Oct 2021 05:00 PM IST
सार

याची ने कहा है कि शहर में भारी यातायात जाम का एक कारण पुलिस द्वारा सड़कों की अनावश्यक बैरीकेडिंग है और दिल्ली भर में कई सड़कों पर लोहे के बैरिकेड लगाने में अधिकारियों के कुप्रबंधन और अव्यवसायिक रवैये से जनता की सुरक्षा, सुरक्षा और कल्याण के लिए गंभीर कठिनाई और असुविधा होती है।

विज्ञापन
Delhi high court ask reply from centre and delhi police to respond to plea to remove unnecessary barricading from roads
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी की सड़कों व आवासीय कॉलोनियों की सड़कों पर पुलिस बैरीकेड के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी के संबंध में दायर याचिका पर केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा के नाम पर की गई बेरीकेटिंग से नागरिकों को असुविधा होती है।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई 24 नवंबर तय की है। यह जनहित याचिका जन सेवा वेलफेयर सोसायटी ने दाय की है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने तय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए दिल्ली की सड़कों और आवासीय कॉलोनियों में बेपरवाह और अनियमित पुलिस बैरिकेड लगा रखे हैं।
विज्ञापन


याची ने कहा शहर में भारी यातायात जाम का एक कारण पुलिस द्वारा सड़कों की अनावश्यक बैरीकेडिंग है और दिल्ली भर में कई सड़कों पर लोहे के बैरिकेड लगाने में अधिकारियों के कुप्रबंधन और अव्यवसायिक रवैये से जनता की सुरक्षा, सुरक्षा और कल्याण के लिए गंभीर कठिनाई और असुविधा होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिवक्ता बीरेंद्र बिक्रम और बांके बिहारी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां सड़कों पर जंजीरों में लगे बैरिकेड लगाने से जानलेवा साबित हुए है। सड़कों पर बैरिकेड लगाने को लेकर दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।


याची ने कहा संगठन ने कहा कि उसने कई शिकायतें की हैं और यहां तक कि पुलिस आयुक्त को ज्ञापन भी दिया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश के अलावा याचिका में सिविल सोसायटी के सदस्यों सहित क्षेत्रवार समिति गठित करने, मोबाइल पुलिस बैरिकेड लगाने के लिए इलाके का सर्वेक्षण, पर्यवेक्षण और आकलन करने और अपनी रिपोर्ट पाक्षिक रूप से संबंधित पुलिस उपायुक्त को सौंपने की मांग की गई है।

याचिका में मोबाइल बैरिकेड लगाने के लिए जिम्मेदार उन अधिकारियों की जवाबदेयी तय करने की मांग की है जिसके परिणामस्वरूप जानमाल का नुकसान हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed