फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi heart is paying a heavy price for pollution

Pollution Woes: देश की राजधानी में प्रदूषण की भारी कीमत चुका रहा है दिल, 41 हजार की जांच में इतने मिले बीमार

Fri, 09 Jan 2026 02:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 09 Jan 2026 02:11 AM IST
सार

एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है, जिसमें सामने आया कि हवा में प्रदूषण बढ़ते ही दिल से जुड़ी बीमारियों और इमरजेंसी मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है।

विज्ञापन
Delhi heart is paying a heavy price for pollution
DELHI pollution - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली की जहरीली हवा लोगों के दिल पर गंभीर असर डाल रही है। एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है, जिसमें सामने आया कि हवा में प्रदूषण बढ़ते ही दिल से जुड़ी बीमारियों और इमरजेंसी मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। अध्ययन में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीएम 2.5 में हर 10 अंक की बढ़ोतरी पर दिल की बीमारियों (कार्डियोवैस्कुलर डिजीज) के मामलों में करीब 2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

विज्ञापन


यह अध्ययन पायलटिंग सर्विलांस ऑफ एनवायरनमेंटल रिस्क एंड कार्डियोवैस्कुलर इवेंट्स इन दिल्ली एंड शिमला, इंडिया, 2021 नाम से स्प्रिंगर नेचर की जर्नल डिस्कवर पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुई है। इसे नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी), भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) और सेफ्टीनेट, नई दिल्ली से जुड़े शोधकर्ताओं ने किया है।
विज्ञापन


अध्ययन के अनुसार, 2021 में जब दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई), पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा, तो अगले ही दिन अस्पतालों में दिल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई थी। यही नहीं, एक्यूआई में हर 10 अंकों की बढ़ोतरी पर कार्डियोवैस्कुलर मामलों में 1.8 फीसदी का इजाफा हुआ। इसके अलावा पीएम 10 में 10 यूनिट बढ़ने पर 1.2 फीसदी ज्यादा मरीज भर्ती हुए और पीएम 2.5 में 10 यूनिट की बढ़ोतरी पर 2 फीसदी ज्यादा मामले सामने आए। वहीं, दिल्ली के मुकाबले शिमला में ऐसा कोई साफ पैटर्न नहीं मिला। वहां कुछ महीनों में प्रदूषण मानक से ऊपर जरूर रहा, लेकिन दिल की बीमारियों से इसका सीधा संबंध साबित नहीं हो पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली के मरीज ज्यादा युवा, शिमला में तंबाकू सेवन व ठोस ईंधन का अधिक प्रयोग
अध्ययन में जनवरी से जुलाई 2021 के बीच दिल्ली और शिमला के बड़े अस्पतालों के 41,000 से ज्यादा मरीजों का विश्लेषण हुआ। इनमें दिल्ली में 11,000 से ज्यादा और शिमला में करीब 3,900 दिल से जुड़े मामले सामने आए। इसके अलावा, सबसे आम बीमारियां हार्ट अटैक और कोरोनरी आर्टरी की बीमारी रहीं। अध्ययन के अनुसार, दिल्ली में दिल के मरीज औसतन कम उम्र के थे। इनमें शारीरिक गतिविधि की कमी, ज्यादा नमक और फैट वाला खाना, हाई ब्लड प्रेशर और मानसिक तनाव ज्यादा देखने को मिला। वहीं, शिमला में तंबाकू सेवन और खाना पकाने के लिए ठोस ईंधन का इस्तेमाल ज्यादा आम था।


विशेषज्ञों की चेतावनी
शोधकर्ताओं के अनुसार, अगर वायु प्रदूषण की निगरानी के साथ दिल की बीमारियों के आंकड़ों को भी नियमित रूप से जोड़ा जाए, तो प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। इससे दिल्ली जैसे अत्यधिक प्रदूषित शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी और वायु गुणवत्ता सुधारने की योजनाओं को मजबूती मिल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed