केजरीवाल के स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा बयान, गुजरात के 400 और दिल्ली के 4 मरीज बराबर
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मच्छर जनित बीमारियों को लेकर दिल्ली सरकार ने राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की मानें तो दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार मच्छरों का प्रकोप कम देखने को मिल रहा है।
जबकि इनकी वजह से होने वाली बीमारियां भी लोगों को कम परेशान कर रही हैं। इस साल डेंगू से केवल एक मौत हुई है और अस्पतालों में इस समय करीब 65 फीसदी बेड खाली पड़े हैं। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री जैन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि फीवर वार्ड को लेकर दिल्ली के लगभग 38 अस्पतालों में कुल 1067 बेड आरक्षित किए गए थे।
जिसमें 35 फीसदी बेड ही फुल चल रहे हैं। इसके अलावा 9 अक्तूबर तक दिल्ली में डेंगू से 2152 मरीज ग्रस्त पाए गए हैं, जबकि बाहरी मरीजों की संख्या 2393 अलग से हैं। पिछली साल दिल्ली में चिकनगुनिया का आतंक था, लेकिन अबकी बार 368 मरीज ही दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने कहा मौसम से पहले ही सरकार सतर्क हो गई थी। स्कूलों में अभियान चलाए गए। करीब 70 से ज्यादा प्रशिक्षिण शिविर भी सरकार ने जगह जगह आयोजित कराए थे, जिसमें लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के तरीके बतलाए गए थे।
गुजरात के 400 और दिल्ली के 4 मरीज बराबर
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने जारी बयान में कहा कि गुजरात और दिल्ली में काफी अंतर है। अगर वहां 400 मरे हैं तो दिल्ली में 4 की मौत बराबर है। दिल्ली की सरकार किसी भी लापरवाही को बर्दास्त नहीं कर सकती।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के सभी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट पर रखा गया है। जनवरी के आसपास हर साल फ्लू के केस दिखाई देते हैं। इसलिए तमाम तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। उनका कहना है कि मरीजों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
बता दें कि 9 अक्तूबर तक दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2198 मरीज पीड़ित हैं, जिसमें से 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि दिल्ली के अस्पतालों में उपचार करा रहे बाहरी राज्यों के स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या करीब 620 है, इनमें 4 लोगों की मौत भी हो चुकी है।