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दिल्ली में एक दिन देर से आई कोरोना हेल्थ बुलेटिन, 24 घंटे में 1366 मामले, 31309 हुए कुल संक्रमित

Wed, 10 Jun 2020 09:57 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 10 Jun 2020 09:57 AM IST
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Delhi health bulletin of 9 may 1366 positive cases in 24 hours total tally reaches to 31309, active cases 18543
कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

देश की राजधानी दिल्ली में नौ मई को कोरोना का कोई हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं हुआ, हालांकि 10 मई की सुबह ये आंकड़े सामने आए हैं। इसके अनुसार एक दिन में दिल्ली में 1366 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद अब दिल्ली में संक्रमितों की कुल संख्या 31309 हो गई है।

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नौ मई की हेल्थ बुलेटिन के अनुसार 1366 नए संक्रमित सामने आए हैं, वहीं 24 घंटे के दौरान 504 लोग ठीक हुए हैं और सात लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही कुल 31309 संक्रमितों में से 11861 लोग ठीक हो चुके हैं और 18543 केस सक्रिय हैं, वहीं 905 लोगों की मौत हो चुकी है।
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31 जुलाई तक दिल्ली में होंगे 5.50 लाख कोरोना मरीज, 80 हजार बेड की होगी जरूरत 
दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों को सभी मरीजों के लिए खोले जाने पर उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मसले को उपराज्यपाल के सामने उठाया।



दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली कैबिनेट का फैसला पलटने वाले उपराज्यपाल के पास मरीजों की संख्या बढ़ने पर अस्पतालों को लेकर न तो कोई योजना है और न ही इस बारे में कोई प्रामाणिक आंकड़े हैं।

यह भी पढ़ेंः उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा, फैसला पलटकर की गई संविधान की रक्षा

डीडीएमए की बैठक के बाद मनीष सिसोदिया ने कहा कि जिस तेजी से दिल्ली में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, उससे लगता है कि 30 जून तक एक लाख संक्रमित होंगे और 15 हजार बेड की जरूरत होगी। जबकि 15 जुलाई तक मरीजों की संख्या 2.25 लाख और बेड की जरूरत 33 हजार होगी। 31 जुलाई तक यही आंकड़ा बढ़कर  5.50 लाख तक पहुंचने के आसार है। इस हालात में मरीजों के लिए 80 हजार बेड की जरूरत होगी।

यह भी पढ़ेंः बिना लक्षण वाले मरीजों की जांच पर रोक मामले में दिल्ली सरकार को नोटिस

सिसोदिया ने कहा कि बैठक में एलजी से दिल्ली में बाहरी लोगों का उपचार करने के संबंध में सवाल किया तो बताया कि उन्हें इसका कोई आइडिया नहीं है कि दूसरे राज्यों के लोगों को इलाज की इजाजत देने से कितने लोग बाहर से दिल्ली से पहुंचेंगे।

दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के निजी अस्पतालों में 50 फीसदी लोग बाहर से इलाज कराने आते हैं और बड़े सरकारी अस्पतालों में यह आंकड़ा 70 फीसदी के करीब है। 31 जुलाई तक सिर्फ दिल्लीवालों के लिए 80 हजार बेड चाहिए। उपराज्यपाल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी इसका कोई प्लान नहीं किया है। 

उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार के बीच टकराव का मामला  
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में रविवार को फैसला लिया गया था कि दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों में बाहरी मरीजों का इलाज नहीं होगा। दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का ही इलाज होगा। केजरीवाल सरकार के इस आदेश को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सोमवार को पलट दिया था। उपराज्यपाल के इस फैसले पर दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी ने सख्त एतराज जताया है।

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