Delhi HC: हीरो मोटोकॉर्प के पवन मुंजाल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्यवाही पर रोक, 21 मार्च को सुनवाई
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की जांच शाखा डीआरआई ने मामले में सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 135 (शुल्क या निषेध की चोरी) के तहत दिल्ली की एक अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया। इसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत वर्तमान मामला दर्ज किया।
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उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हीरो मोटोकॉर्प के अध्यक्ष पवन कांत मुंजाल के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने ईडी मामले के खिलाफ मुंजाल की याचिका पर जांच एजेंसी को नोटिस जारी किया और उसे अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया है।अदालत ने कहा कि हाल ही में सीमा शुल्क अधिनियम के तहत विधेय अपराध पर एक समान स्थगन आदेश पारित किया गया है और याचिकाकर्ता को उस मामले में सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) द्वारा बरी कर दिया गया है।
अदालत ने आदेश दिया ईसीआईआर के तहत कार्यवाही पर रोक रहेगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि रोक केवल याचिकाकर्ता के संबंध में है और ईडी कानून के अनुसार आगे बढ़ने के लिए स्वतंत्र है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने पिछले साल एसईएमपीएल नामक तीसरे पक्ष की सेवा प्रदाता कंपनी मुंजाल के खिलाफ कथित तौर पर प्रतिबंधित वस्तुओं, यानी विदेशी मुद्रा को ले जाने, निर्यात करने का प्रयास करने और अवैध निर्यात करने के आरोप में अभियोजन शिकायत दर्ज की थी।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की जांच शाखा डीआरआई ने मामले में सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 135 (शुल्क या निषेध की चोरी) के तहत दिल्ली की एक अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया। इसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत वर्तमान मामला दर्ज किया।
तीन नवंबर को हाईकोर्ट ने डीआरआई मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने शुक्रवार को दलील दी कि जब डीआरआई मामले यानी विधेय अपराध की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है तो मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं चल सकता है। मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी।