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चुनावों के ऐन पहले चौटाला पर दोहरी चोट

Thu, 09 Oct 2014 10:02 PM IST
Updated Thu, 09 Oct 2014 10:02 PM IST
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Delhi HC directs former Haryana CM OP Chautala to appear before it tomorrow.

जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में जमानत की शर्तों के उल्लंघन करने पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करके शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। वहीं, आय से अधिक संपत्ति मामले में सुनवाई कर रही तीस हजारी अदालत ने भी उन्हें इसी दिन सुबह 10 बजे समर्पण करने को कहा है।

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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान कहा कि चिकित्सा के आधार पर जमानत लेकर चुनाव प्रचार करना काफी गंभीर मामला है। अदालत ने सीबीआई को नोटिस देते हुए इसे तामील कराने को कहा। इसके अलावा नोटिस की प्रति चौटाला के वकील को भी प्रदान करने के निर्देश जारी किए। अदालत ने इस बात पर नाराजगी जताई कि सीबीआई द्वारा आवेदन की प्रति चौटाला के अधिवक्ता को देने के बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुए।
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इससे पूर्व सीबीआई अधिवक्ता राजदीप बेहुरा ने अदालत को बताया कि चौटाला ने चिकित्सा आधार पर मिली जमानत का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को भी चौटाला ने जींद में रैली की थी और इसी के बाद 26 सितंबर को अदालत ने उन्हें 17 अक्तूबर को समर्पण करने का निर्देश दिया था।
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उन्होंने कहा कि इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के नेता चौटाला जमानत शर्तों का उल्लंघन करते हुए अभी भी हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चौटाला की समर्पण की तारीख को 17 अक्तूबर से पहले कर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए। इसके अलावा एक अन्य तीसरे पक्ष द्वारा चौटाला की जमानत रद्द करने के मुद्दे पर दायर याचिका पर जारी नोटिस को रिकॉल किया जाए।

‘बीमार नहीं चौटाला, हरियाणा में कर रहे चुनावी रैली’

Delhi HC directs former Haryana CM OP Chautala to appear before it tomorrow.

आय से अधिक संपत्ति मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने भी ओमप्रकाश चौटाला के चुनाव प्रचार के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने चौटाला को शुक्रवार सुबह 10 बजे समर्पण का निर्देश दिया है। इस मामले में जमानत पर चल रहे चौटाला सेहत के आधार पर पेशी से छूट मिली हुई थी।

तीस हजारी स्थित विशेष सीबीआई जज मनु राय सेठी के समक्ष मामले की सुनवाई तय थी। चौटाला पेश नहीं हुए व उनके अधिवक्ता ने बृहस्पतिवार को भी सेहत के आधार पर पेशी से छूट की बात दोहरा दी। सीबीआई के विशेष अधिवक्ता अजय गुप्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि  चौटाला सेहत के आधार पर पेशी से छूट का फायदा उठा रहे हैं।

वह एक सप्ताह से हरियाणा में लगातार चुनावी रैलियां कर रहे हैं। अधिवक्ता ने चौटाला की रैलियां कवर करने वाले समाचार पत्रों की कॉपियां सबूत के तौर पर पेश की। विशेष सीबीआई अदालत ने सीबीआई की दलीलों से सहमति जताते हुए चौटाला के वकीलों को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कड़े शब्दों में वकीलों को फटकार लगाते हुए चौटाला को सुबह दस बजे पेश होने का निर्देश दिया।

चौटाला के तरकश में है जेल से बचने के तीर

Delhi HC directs former Haryana CM OP Chautala to appear before it tomorrow.

ओम प्रकाश चौटाला को शुक्रवार को हाईकोर्ट के साथ-साथ तीस हजारी अदालत के न्यायाधीश ने भी तलब किया हैै। ऐसे में चौटाला के पास विकल्प खुला है कि वे किस अदालत में पेश हो। तय माना जा रहा है कि जिस प्रकार ट्रायल कोर्ट ने समर्पण करने का निर्देश दिया है उसके ध्यानार्थ चौटाला के समर्पण करते ही उन्हें जेल भेजा जा सकता है।

दूसरी तरफ हाईकोर्ट ने चौटाला को नोटिस जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत सुनवाई के दौरान चौटाला से पूछेगी कि क्यों न उसकी जमानत रद्द कर तुरंत जेल भेज दिया जाए। ऐसे में चौटाला अपने बचाव में तर्क भी पेश कर सकते हैं। अब चौटाला पर निर्भर है कि वे चुनावों के ध्यानार्थ तुरंत जेल जाकर मतदाताओं की सहानुभूति बटोरना चाहते हैं या फिर कुछ समय लेना चाहते हैं।

ऐसे में चौटाला के वकील तीस हजारी अदालत के समक्ष पेश होकर कह सकते हैं कि उनके मुवक्किल को आज ही हाईकोर्ट में पेश होना है। ऐसे में तय है कि उन्हें निचली कोर्ट में पेशी से कुछ दिन छूट मिल जाए। आमतौर पर हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण ट्रायल कोर्ट सुनवाई की तिथि बढ़ा दी देती है।

एम्स से बचने के लिए जताई थी समर्पण की इच्छा

Delhi HC directs former Haryana CM OP Chautala to appear before it tomorrow.

हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को हरियाणा के जींद में एक रैली को चौटाला द्वारा संबोधित किए जाने के मद्देनजर उन्हें अस्पताल में रखे जाने की जरूरत पर राय जानने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित करने ही वाली थी कि चौटाला ने समर्पण की इच्छा जता दी थी।

जिसके बाद अदालत ने उन्हें 17 अक्तूबर तक का समय प्रदान किया था। चौटाला को 21 मई 2013 को चिकित्सा आधार पर जमानत प्रदान की गई थी और उसके बाद से ही वह इसी आधार पर जमानत बढ़वाते हुए बाहर हैं। मालूम हो कि 11 जुलाई 2014 को उच्च न्यायालय ने जेबीटी भर्ती घोटाला मामले में चौटाला समेत 55 दोषियों की अपीलों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

मेदांता के चिकित्सा अधीक्षक कार्रवाई से बचे
गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कार्रवाई से बाल-बाल बच गए। सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया कि चौटाला को लगाए गए पेस मेकर हाल्टर की जांच की जानी है लेकिन मेदांता अस्पताल ने चौटाला को 3 अक्तूबर को ही अस्पताल से छुट्टी दी। अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में सीबीआई व अदालत को कोई जानकारी नहीं दी।

ऐसे में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को भी तलब कर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। अदालत ने सीबीआई के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि आपने आवेदन में कार्रवाई की बात तो कर दी लेकिन अस्पताल प्रशासन को पक्ष नहीं बनाया, ऐसे में नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।

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