राजधानी में है एशिया का सबसे बड़ा टीबी अस्पताल, यहां मरीज से ज्यादा हैं स्टाफ
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एक ओर जहां दिल्ली के कुछ अस्पतालों से डॉक्टरों व स्टाफ की कमी की खबरें आती रहती हैं वहीं राजधानी में एक अस्पताल ऐसा भी है जहां मरीज से ज्यादा स्टाफ हैं।
मरीज और स्टाफ के बीच का यह फर्क लगभग तीन गुना से ज्यादा है। हम बात कर रहे हैं एशिया के सबसे बड़े टीबी के अस्पताल राजन बाबू टीबी अस्पताल की। यह दिल्ली के जीटीबी नगर में स्थित है।
राजन बाबू टीबी अस्पताल में जहां 300-350 मरीज हैं वहीं स्टाफ की संख्या 1027 है। यह अस्पताल उत्तरी एमसीडी के अंतर्गत आने वाले 5 अस्पतालों में सबसे बड़ा है।
इस अस्पताल में 1,155 बेड हैं
72 एकड़ में फैले हुए इस अस्पताल में 1,155 बेड हैं। बड़ा अस्पताल होने की वजह से इसके मेंटेनेंस और स्टाफ की सैलरी व इक्विपमेंट्स की देख रेख पर नॉर्थ एमसीडी को काफी खर्च करना पड़ता है।
अस्पताल बड़ा व मरीज कम होने की वजह से यहां दो अन्य डिपार्टमेंट खोले गए हैं, ताकि आस पास के लोगों को और कई तरह की सुविधाएं मिल सकें। अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के डायरेक्टर डॉ डी के सेठ का कहना है कि जो दो नए विभाग खोले गए हैं, उनमें से एक नेत्र रोग विभाग है और दूसरा स्त्री रोग विभाग है। प्रसूति डिपार्टमेंट में महिलाओं के इलाज के लिए 100 बेड की व्यवस्था की गइ है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बड़ा अस्पताल होने के कारण यहां कई परेशानियां भी हैं। बड़ा अस्पताल चलाना आसान नहीं होता क्योंकि हर साल पैसे खर्च होने के कारण अस्पताल को मल्टी स्पेशिऐलिटी में बदलना थोड़ा मुश्किल हो गया है। हालांकि यहां मल्टी स्पेशिऐलिटी अस्पताल की तरह कुछ सुविधाएं शुरू हो गई हैं।